आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : CBI ने मंगलवार को कस्टम विभाग के दो डिप्टी कमिश्नर को गिरफ्तार किया है। इन पर मुंबई में कस्टम के न्हावा शेवा इम्पोर्ट सेक्शन में काम करने के दौरान भ्रष्टाचार करने और बिचौलियों के जरिए रिश्वत लेने का आरोप है।
एक कस्टम ऑफिसर पर रिश्वत में 3.5 लाख रुपए की मसाज चेयर, 23 हजार रुपए के जूते और 61 हजार की वाशिंग मशीन लेने के आरोप हैं। वहीं, दूसरे पर हवाला के जरिए अपने घर पर 50 लाख रुपए भेजने का आरोप लगाया गया है।
5 मई को CBI ने इनके घरों की तलाशी ली थी
CBI ने बताया कि आरोपी अधिकारियों के नाम दिनेश फुलदिया और सुभाष चंद्रा है। हाल ही में इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सोमवार यानी 5 मई को इनके घरों की तलाशी भी ली गई थी।
ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस स्कीम का गलत फायदा उठाने में मदद की
CBI ने बताया कि आरोपी दिनेश और सुभाष ने कस्टम हाउस एजेंट सुधीर पाडेकर और आशीष कामदार को कस्टम एक्ट के ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस स्कीम का गलत फायदा उठाने में मदद की।
इस स्कीम के तहत यह दिखाया गया कि बाहर से इम्पोर्ट किया गया सामान घरेलू है, जिसकी कीमत 5 लाख रुपए से कम है और उसे भारत लाने वाला व्यक्ति देश का स्थायी निवासी बनने जा रहा है।
कस्टम डिपार्टमेंट को हुआ करोड़ों का नुकसान
CBI ने बताया कि कस्टम क्लियर करने वाले एजेंट ने भी इस स्कीम का गलत फायदा उठाया। उसने कलेक्शन एजेंट और कस्टम ऑफिसर की मदद से विदेश से आने वाले कई सामानों पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगाई।
उन्होंने बताया कि इससे कस्टम डिपार्टमेंट को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने नुकसान की मूल संख्या नहीं बताई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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गोल्ड और मादक पदार्थों की एयरपोर्ट पर बढ़ती तस्करी को देखते हुए कस्टम विभाग ने नया रिवॉर्ड सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत कस्टम विभाग ने आमजन से यह अपील की है कि अगर किसी को अवैध रूप से गोल्ड, मादक पदार्थ लेकर किसी के देश में आने की जानकारी है तो वो उन्हें बता सकता है।