सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   /   नई दिल्ली  :  28 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री जन धन योजना के 11 साल पूरे हो गए। 28 अगस्त 2014 को शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देश के हर नागरिक को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना था। अब तक इस योजना के तहत 56.16 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 56% खाते महिलाओं के नाम पर हैं।  जन धन योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं है। यानी कोई भी व्यक्ति जीरो बैलेंस पर खाता खोल सकता है। साथ ही, खाताधारकों को रुपे डेबिट कार्ड मिलता है, जिसके साथ 2 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर भी जुड़ा होता है। इसके अलावा, पात्र ग्राहकों को 10,000 रुपए तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

इस खाते के जरिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी की रकम सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचाई जाती है। गैस सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति जैसी कई योजनाओं का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के रूप में जमा किया जाता है। यही कारण है कि यह योजना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई है।  खाता खोलने की प्रक्रिया भी सरल है। इसके लिए आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र, पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो पर्याप्त हैं। कोई भी व्यक्ति नजदीकी बैंक शाखा, पोस्ट ऑफिस या बैंक मित्र के जरिए खाता खुलवा सकता है। आज यह योजना वित्तीय समावेशन की दिशा में भारत सरकार की सबसे सफल पहलों में गिनी जाती है।

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