कोरबा जिले में स्थित लैंको में कार्यरत भू-विस्थापित आरक्षित वर्ग की महिला के दस्तावेजों में कुछ न कुछ त्रुटि होना बताकर उसे तरह-तरह से प्रताड़ित करने का काम यहां के शीर्ष 2 अधिकारियों ने किया। महिला की नौकरी पर रोक लगाकर उस पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव तक डाला गया। परेशान महिला की रिपोर्ट पर जनसंपर्क अधिकारी एवं एचआर हेड के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जा रही है। मामले में अभी इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार उरगा थाना अंतर्गत ग्राम पताढ़ी में स्थित लैंको अमरकंटक में अधिग्रहित ग्रामों में शामिल ग्राम सरगबुंदिया निवासी महिला को भू-अधिग्रहण के एवज में नौकरी दी गई। वह वर्ष 2008 से नर्स सहायक के तौर पर काम कर रही थी। नौकरी के संबंध में विभाग द्वारा चाही गई जानकारी व दस्तावेज उसने प्रस्तुत किया जिसके सत्यापन उपरांत उसे नौकरी प्रदान किया गया। इसके बाद उसे भविष्य निधि के लिए पिछले एक वर्षों से कभी आधार कार्ड में जन्मतिथि अलग होना और गलत बताकर तथा किसी न किसी दस्तावेज में कोई न कोई त्रुटि निकालकर नोटिस दिया जाता रहा। पीड़िता की शिकायत अनुसार दस्तावेजों को अधूरा बताकर एक माह का वेतन तक रोक दिया गया। इस संबंध में विस्तृत जानकारी चाहने के लिए जब भी वह लैंको के स्थानीय कार्यालय गई वहां एचआर मैनेजर के द्वारा अनाप-शनाप शब्दों का उपयोग करने के साथ अश्लील बातों के लिए दबाव बनाया जाता रहा। वह भविष्य निधि के लिए नया आधार कार्ड सुधरवाकर बताने के लिए एचआर हेड के कार्यालय पहुंची थी। पीड़िता अंदर गई तो वहां एचआर हेड कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी भी उपस्थित थे। पीड़िता के मुताबिक वहा उसके साथ गलत व्यहार किया गया पीड़िता यहां से रोते हुए घर लौट आई और अपने बेटे को पूरी जानकारी दी। इसके उपरांत परिवार से सलाह-मशविरा कर उरगा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई और नौकरी पर जबरन विराम लगाकर, दस्तावेज में त्रुटि दिखाकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रताड़ित करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही का आग्रह किया। टीआई विजय चेलक ने बताया कि पीड़िता की रिपोर्ट पर धारा 354, 34 भादवि के तहत जनसंपर्क अधिकारी एवं एचआर हेड के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।