आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अडाणी ग्रुप अपनी FMCG कंपनी ‘अडाणी विल्मर लिमिटेड’ की 43.97% की पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इसके लिए ग्रुप कई मल्टीनेशनल कंज्यूमर गुड्स वाली कंपनियों से बात कर रहा है। इकोनॉमिक्स टाइम ने अपनी रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी बेचने की डील एक महीने अंदर पूरी हो सकती है। ग्रुप हिस्सेदारी बेचने पर 2.5-3 बिलियन डॉलर (करीब ₹24 हजार करोड़) मिलने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने अभी तक इसके बारे में किसी भी प्रकार की ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है।
कंपनी के शेयर में 0.16% की गिरावट
कंपनी बेचने की खबर आने के बाद सुबह 11 बजे कंपनी के शेयर में 0.16% की मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। यह 316.50 रुपए पर कारोबार कर रहा है।
तीन महीने पहले ग्रुप ने खारिज की थी इस तरह की खबर
तीन महीने पहले ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज पिछले कुछ महीनों से ‘अडाणी विल्मर’ की हिस्सेदारी बेचने की संभावना तलाश कर रही है।
ग्रुप इससे मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल अपने कोर बिजनेस में फोकस करने के लिए करेगा। हालांकि, अदाणी विल्मर ने इसे अफवाह बताते हुए कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया था। कंपनी ने कहा कि हम SEBI के नियमों का पालन करते हुए डिस्क्लोजर करते रहे हैं और करते रहेंगे।
अडाणी विल्मर की वर्तमान मार्केट वैल्यू ₹41.16 हजार करोड़
अडाणी विल्मर लिमिटेड गौतम अडाणी की अडाणी एंटरप्राइजेज और सिंगापुर की विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड का जॉइंट वेंचर है, जिसकी वर्तमान में मार्केट वैल्यू करीब ₹41.16 हजार करोड़ है।
जुलाई-सितंबर क्वार्टर में कंपनी को ₹131 करोड़ का लॉस
अडाणी विल्मर ने 1 नवंबर को वित्त वर्ष 2023-24 के दूसरे क्वार्टर यानी (Q2FY24) के रिजल्ट जारी किए थे। कंपनी ने बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में ₹131 करोड़ का लॉस हुआ है। पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि के दौरान कंपनी ने ₹48.76 करोड़ का मुनाफा कमाया था। वहीं इस फाइनेंशियल ईयर के पहले क्वार्टर में कंपनी को 78.9 करोड़ का नुकसान हुआ था।
अडाणी विल्मर के रेवेन्यू में भी 13% की गिरावट
Q2FY24 में कंपनी का रेवेन्यू 13% गिरकर ₹12,267 करोड़ रहा। Q2FY23 में यह ₹14,150 करोड़ था। ऑपरेशन की बात करें तो जुलाई सितंबर क्वार्टर में कंपनी का EBITDA 43% की गिरावट के बाद ₹144 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹254 करोड़ था।