सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के चीफ राम रहीम के साम्राज्य को एक गुमनाम चिट्‌ठी ने तबाह किया था। यह चिट्‌ठी डेरे में साध्वियों के यौन शोषणा से जुड़ी हुई थी। यह चिट्ठी 13 मई 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को संबोधित कर लिखी गई थी।

जिस समय यह गुमनाम चिट्ठी सामने आई थी, उस वक्त डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसां की पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में तगड़ी पैठ थी। यह वो समय था जब वोट बैंक के लिए उस समय के बड़े-बड़े राजनेता डेरा सच्चा सौदा में सिर झुकाने पहुंचते थे।

इस चिट्‌ठी के सामने आने के बाद पहले डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह का मर्डर हुआ। फिर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या हुई। इसके बाद इसी मामले में राम रहीम को जेल जाना पड़ा।

मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा मैनेजर रणजीत हत्याकांड में राम रहीम को बरी कर दिया। हालांकि पत्रकार छत्रपति और साध्वियों के यौन शोषण केस में वह अभी रोहतक की सुनारिया जेल में ही रहेगा। हालांकि इस फैसले के बाद गुमनाम चिट्‌ठी फिर सुर्खियों में आ गई है।

दोनों ही कत्ल गुमनाम चिट्‌ठी के बाद हुए

रणजीत सिंह: जिस वक्त यह गुमनाम चिट्‌ठी बाहर आई, उस समय रणजीत सिंह डेरे में मैनेजर था। रणजीत की बहन डेरे में साध्वी थी। CBI ने जांच में दावा किया था कि डेरे को शक था कि रणजीत ने ही अपनी बहन से यह चिट्‌ठी लिखवाई। जिसके बाद रणजीत की 10 जुलाई 2002 को हत्या कर दी गई।

रामचंद्र छत्रपति : सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के हाथ यह चिट्‌ठी लगी तो उन्होंने इसे अपने अखबार में छाप दिया। इसके बाद वह लगातार इसे छापते रहे। फिर 24 अक्टूबर 2002 को पत्रकार छत्रपति को गोलियां मार दी गई। 21 नवंबर को उनकी दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई।

अब पढ़ें वो चिट्ठी, जिसने डेरा प्रमुख के काले कारनामे उजागर किए…

सेवा में, माननीय प्रधानमंत्री जी श्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारत सरकार विषय : डेरे के महाराज द्वारा सैकड़ों लड़कियों से बलात्कार की जांच करें

श्रीमान जी, निवेदन यह है कि मैं पंजाब की रहने वाली हूं और 5 साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा, हरियाणा (धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा) में साधु लड़की के रूप में कार्य कर रही हूं। मेरे साथ यहां सैकड़ों लड़कियां भी डेरे में 16 से 18 घंटे सेवा करती हैं। हमारा यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साथ में डेरे के महाराज गुरमीत सिंह द्वारा यौन शोषण (रेप) किया जा रहा है।

मैं बीए पास लड़की हूं। मेरे परिवार के सदस्य महाराज के अंध श्रद्धालु हैं, उनकी प्रेरणा से मैं डेरे में साधु बनी थी। साधु बनने के 2 साल बाद एक दिन महाराज गुरमीत की परम शिष्या साधु गुरुजोत ने रात के 10 बजे मुझे बताया कि आपको पिताजी ने गुफा (महाराज के रहने का स्थान) में बुलाया है।

मैं क्योंकि पहली बार वहां जा रही थी, मैं बहुत खुश थी। यह जानकर कि आज खुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है। गुफा में ऊपर जाकर जब मैंने देखा महाराज बेड पर बैठे हैं। हाथ में रिमोट है, सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही है। बेड पर सिराहने की ओर रिवॉल्वर रखा हुआ है।

मैं यह सब देखकर हैरान रह गई। मुझे चक्कर आने लगे। मेरे पांव के नीचे की जमीन खिसक गई। यह क्या हो रहा है। महाराज ऐसे होंगे? ऐसा मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। महाराज ने टीवी बंद किया व मुझे साथ बैठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है।

मेरा यह पहला दिन था। महाराज ने मेरे को बांहों में लेते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं। तुम्हारे साथ प्यार करना चाहते हैं, क्योंकि तुमने हमारे साथ साधु बनते वक्त तन-मन-धन सब सतगुरु के अर्पण करने को कहा था। तो अब ये तन-मन हमारा है। मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं हम ही खुदा हैं। जब मैंने पूछा कि क्या यह खुदा का काम है तो उन्होंने कहा-

श्रीकृष्ण भगवान थे, उनके यहां 360 गोपियां थीं जिनसे वह हर रोज प्रेम लीला करते थे, फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं, यह कोई नई बात नहीं है।

हम चाहें तो इस रिवॉल्वर से तुम्हारे प्राणपखेरू उड़ाकर दाह संस्कार कर सकते हैं। तुम्हारे घरवाले इस प्रकार से हमारे ऊपर विश्वास करते हैं व हमारे गुलाम हैं। वह हमारे से बाहर जा नहीं सकते। यह तुमको अच्छे से पता है।