सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई है। पेपर लीक होने का आरोप लगाकर पूरे प्रदेश में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद शनिवार 24 फरवरी को यूपी सरकार ने परीक्षा कैंसिल का फैसला लिया। 6 महीने में फिर से परीक्षा होगी। 17 और 18 फरवरी को यूपी के 75 जिलों में परीक्षा हुई थी। इसमें 48 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे।
पुलिस भर्ती में 60 हजार 244 पद थे। परीक्षा के दौरान 287 सॉल्वर और उनकी गैंग से जुड़े लोग पकड़े गए थे। छात्रों का आरोप था कि परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुपों में सर्कुलेट हो रहा था। आरोप था कि टेलीग्राम पर 100-100 रुपए में परीक्षा के पेपर बेचे गए।
इसके बाद भी परीक्षा आयोजित कराई गई। पेपर लीक को लेकर पुलिस भर्ती बोर्ड को 1500 शिकायतें मिली थीं। अब सवाल उठ रहा है कि सरकार परीक्षा भर्ती बोर्ड से जुड़े किन अधिकारियों पर गाज गिराती है? पुलिस भर्ती परीक्षा में लीकेज हो सकता है। इसका खुलासा दैनिक भास्कर ने परीक्षा से 14 दिन पहले ही कर दिया था।
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पुलिस ने FIR में पेपर लीक की पुष्टि की थी
3 मिनट पहले
मेरठ में छात्रों ने बांटी मिठाई
3 मिनट पहले
जयराम रमेश बोले-पेपर लीक में यूपी पहले नंबर पर
अमरोहा में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा,”यूपी में भर्ती परीक्षा होने से पहले पेपर लीक हो जाता है। पुलिस भर्ती परीक्षा एक उदाहरण है। पेपर लीक मामलों में यूपी पहले नंबर पर है।”
4 मिनट पहले
छात्र ने कहा- रीएग्जाम होना तो जरूरी था
छात्र अनीस ने कहा कि री-एग्जाम होना तो जरूरी था। लेकिन हमें सोचना चाहिए कि ऐसी नौबत क्यों आई। हम लोग 2-3 साल से इस पेपर के लिए तैयारी कर रहे थे। मगर जब परीक्षा होती है, तो पेपर लीक हो जाता है।
5 मिनट पहले
‘100-100 रुपए में बांटे गए पेपर’
छात्रों को तैयारी करने वाले झांसी के प्रदीप यादव ने कहा कि हमने सोचा नहीं था कि पेपर लीक होगा। लेकिन पेपर 100-100 रुपए में बांटे गए।