आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल-हमास के बीच सीजफायर खत्म होने के बाद भारतीय समयानुसार शुक्रवार देर रात एक फिलिस्तीनी समर्थक ने अमेरिका में खुद को आगे हवाले कर दिया। ये घटना अटलांटा शहर में बने इजराइली कॉन्सुलेट के सामने हुई। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक सिक्योरिटी गार्ड ने उसे बचाने की कोशिश की। हालांकि, वो नाकामयाब रहा।

प्रदर्शनकारी का 90% शरीर जल चुका है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने अब तक उसकी पहचान नहीं बताई है। पुलिस के मुताबिक जब उसने खुद का आग लगाई उसने खुद पर फिलिस्तीन का झंडा लपेटा हुआ था। दरअसल, सीजफायर खत्म होने के बाद दुनिया भर में फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं।

वहीं, सीजफायर खत्म होने के 24 घंटों में गाजा में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अस्पतालों में फर्श पर लाशें पड़ी हैं। UN ने कहा है कि गाजा के अल-अहली अस्पताल के हालात किसी डरावनी फिल्म जैसे हैं। WHO के मुताबिक गाजा के 32 में से सिर्फ 16 अस्पताल काम कर रहे हैं।

‘हमास ने वादा तोड़ा’

अमेरिका ने सीजफायर खत्म होने का इल्जाम हमास पर डाला है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन शुक्रवार को सीजफायर खत्म होने के तुरंत बाद इजराइल से दुबई पहुंचे। यहां उन्होंने कहा- हमास ने अपना वादा पूरा नहीं किया। यरूशलम में आतंकी हमला करवाया और सीजफायर की सीमा खत्म होने से पहले इजराइल पर रॉकेट दागे। इसकी वजह से युद्ध विराम आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

दरअसल, इजराइल और हमास के बीच सीजफायर के बाद शुक्रवार को जंग फिर शुरू हो गई। सेंट्रल इजराइल पर गाजा से 50 से ज्यादा रॉकेट दागे गए। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई की। इसके फौरन बाद तेल अवीव में इजराइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) के चीफ जनरल हेर्जी हालेवी ने टॉप कमांडर्स के साथ लंबी मीटिंग की।

‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक- फैसला यह हुआ कि गाजा में ग्राउंड ऑपरेशन तेज किए जाएंगे। जंग में अब तक 14 हजार 800 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है। इनमें 6 हजार बच्चे शामिल हैं।

दूसरी तरफ, दुबई में चल रहे COP28 क्लाइमेट समिट के दौरान इजराइली राष्ट्रपति इसाक हेर्जोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हमास ने UAE से अपील की थी कि वो इजराइल को क्लाइमेट समिट में शामिल न होने दे।

​​​​हमास की कैद में 6 इजराइली बंधकों की मौत

इजराइल ने भी कहा है कि उसने 200 ”आतंकी ठिकानों” पर हमला किया है। हमास ने जिन इजराइलियों को बंधक बनाया उनमें से 6 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। शुक्रवार को गाजा में 70 साल की ओफ्रा किदार की मौत की पुष्टि हुई है। 7 अक्टूबर को जिस वक्त उन्हें बंधक बनाया गया था वो वॉक पर निकली थीं। वो किसी तरह अपने परिवार वालों को फोन कर पाई थीं।

उन्होंने बताया था कि हमास के लोग उन्हें गोली मारने जा रहे हैं। उनके पति सामी को भी उनके घर में गोली मार दी गई थी। उनकी बेटी ने किसी तरह छिप कर जान बचाई थी।

‘अल-अक्सा फ्लड’ के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’

हमास ने इजराइल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था। उसने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।

वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।