सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बैठक चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि यह बैठक कई घंटों तक चली, लेकिन दोनों नेताओं के बीच किसी भी मुद्दे पर ठोस सहमति नहीं बन पाई।
इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें थीं, और खास तौर पर भारत इस पर बारीकी से नजर रख रहा था। बैठक के बाद ट्रंप का रुख अचानक बदलता नजर आया। उन्होंने पहले की तरह टैरिफ पर भड़काऊ टिप्पणी नहीं की। जब उनसे भारत और चीन पर टैरिफ को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन के साथ बातचीत और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण ट्रंप ने अपने तेवर नरम किए। यह कदम व्यापारिक तनाव को कम करने और वैश्विक आर्थिक स्थिति को स्थिर रखने की दिशा में माना जा रहा है।
हालांकि, बैठक बेनतीजा रही, लेकिन ट्रंप की नरम प्रतिक्रिया से कई व्यापार विश्लेषक आश्वस्त हैं कि आगामी समय में भारत और चीन के साथ व्यापारिक मामलों में अमेरिकी नीति में बदलाव आ सकता है।
टैरिफ पर ट्रंप की नरम प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पर सकारात्मक असर डाल सकती है। इसके अलावा, इससे अमेरिका, चीन और भारत के बीच बेहतर संवाद और सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
#ट्रंप #पुतिन #भारतचीन #टैरिफ #अलास्का बैठक #अंतरराष्ट्रीयसमाचार #व्यापार