सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: दिल्ली कस्टम डिपार्टमेंट ने बुधवार को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से सोने की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक की पहचान कांग्रेस नेता शशि थरूर के पूर्व PA शिव कुमार प्रसाद के रूप में की गई है। अधिकारियों ने आरोपियों के पास से 35 लाख रुपए कीमत वाला 500 ग्राम सोना भी जब्त किया है।

इस मामले को लेकर शशि थरूर ने X पर हैरानी जताई। उन्होंने लिखा- अपने पूर्व स्टाफ से जुड़ी घटना के बारे में सुनकर मैं हैरान हूं। वह (शिव कुमार प्रसाद) 72 साल के रिटायर्ड व्यक्ति हैं। उनका डायलिसिस होता है। हमने उन्हें सहानुभूति दिखाते हुए पार्ट टाइम आधार पर नौकरी पर रखा था। मैं किसी भी गलत काम की निंदा नहीं करता हूं। मैं मामले की जांच में अधिकारियों का पूरा समर्थन करता हूं। कानून को अपना काम करना चाहिए।

कस्टम अधिकारी बोले- पूछताछ में शिव प्रसाद संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए

सूत्रों के मुताबिक, कस्टम अधिकारियों ने इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर शिव प्रसाद को पकड़ा था। उनकी तलाशी ली गई तो 500 ग्राम से ज्यादा सोना मिला। पूछताछ के दौरान वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए कि वे इतना सोना लेकर क्यों चल रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री बोले- ये सोने की तस्करी करने वालों का अलायंस

केरल के तिरुवनंतपुरम से शशि थरूर के खिलाफ चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस और CPM सोने की तस्करी करने वालों का अलायंस है। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि पहले मुख्यमंत्री के सचिव सोने का तस्करी में नाम आया था, और अब कांग्रेस सांसद के PA को सोने की स्मगलिंग में पकड़ा गया है। CPM और कांग्रेस दोनों INDI अलायंस के पार्टनर्स असल में गोल्ड स्मगलिंग करने वालों का अलायंस है।

2020 में केरल में सामने आया था गोल्ड स्मगलिंग का सबसे बड़ा मामला

राजीव चंद्रशेखर केरल सीएम के सचिव से जुड़े जिसे गोल्ड स्मगलिंग ममाले का जिक्र कर रहे हैं, वह चार साल पहले सामने आया था। 5 जुलाई 2020 को कस्टम विभाग के अफसरों ने एक डिप्लोमैटिक बैगेज पकड़ा था। बैगेज UAE से भेजा गया था। विदेश मंत्रालय से इजाजत मिलने के बाद इसे खोला गया था। जांच के बाद बैगेज में करीब 15 करोड़ रुपए कीमत का 30 किलोग्राम सोना मिला था।

मामले में NIA ने स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर समेत कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया था। स्वप्ना सुरेश केरल स्टेट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (KSITL) में काम करती थीं। यह IT डिपार्टमेंट के अंडर में आता है, जो कि केरल के CM के अंडर में है।

तस्करी में नाम आने के बाद स्वप्ना को नौकरी से निकाल दिया गया। वह UAE की पूर्व वाणिज्य अधिकारी भी रहीं। वहीं, सरित कुमार तिरुवनंतपुरम में UAE वाणिज्य दूतावास के ऑफिस में बतौर पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (PRO) काम करता था।

इस मामले को लेकर केरल सरकार की आलोचना हुई थी। पहले मामले की जांच कस्टम डिपार्टमेंट ने शुरू की थी। खुद को वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी बताकर सोना लेने पहुंचे सरित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।