आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : थाईलैंड में सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए चीन और थाई पुलिस की जॉइंट पेट्रोलिंग के प्रपोजल को सरकार ने वापस ले लिया है। दो दिन पहले सरकार ने यह फैसला किया था। थाईलैंड की जनता ने इसका जबरदस्त विरोध किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री श्रेथा थावसिन ने प्रस्ताव वापस ले लिया।

थाईलैंड सरकार ने चीन की पुलिस के साथ मिलकर गश्त करने का प्लान इसलिए तैयार किया था, क्योंकि इस देश की इकोनॉमी टूरिज्म बेस्ड है और यहां लगातार अपराध और ड्रग स्मगलिंग के केस सामने आ रहे थे।

क्या चाहते थे प्रधानमंत्री थावसिन

रविवार को थाईलैंड सरकार के हवाले से एक खबर लोकल मीडिया में आई। इसके मुताबिक- टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स पर बढ़ते अपराधों पर लगाम के लिए अब चीन की पुलिस टीम थाईलैंड पुलिस के साथ गश्त करेगी। इस खबर को वहां के एक मंत्री ने सही करार दिया।

सरकार के इस फैसले से आम लोग जबरदस्त गुस्सा थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया। ज्यादातर लोगों का कहना था कि सरकार का यह फैसला साबित करता है कि हमारी पुलिस काबिल नहीं है। एक वर्ग ऐसा भी था जिसने इसे नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताया।

कोविड-19 के दौर के बाद थाईलैंड सरकार टूरिज्म सेक्टर को नए सिरे से प्रमोट करना चाहती है। इसके लिए कई कदम उठाए गए, लेकिन इसी दौरान क्राइम रेट भी तेजी से बढ़ने लगा। अक्टूबर में टूरिस्ट पर फायरिंग की घटना भी हुई।

सरकार के फैसले की वजह

दरअसल, टूरिज्म सेक्टर इस दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश की इकोनॉमी का सबसे बड़ा स्रोत है। इसके अलावा, कोविड-19 के बाद थाईलैंड में आने वाले कुल टूरिस्ट्स में सबसे बड़ी तादाद चीन के नागरिकों की थी।

इसी दौरान जब सिक्योरिटी के मामलात बढ़ने लगे तो थाईलैंड सरकार परेशान हो गई। चीन के टूरिस्ट में भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार ने फैसला किया कि क्यों न, चीनी पुलिस की एक टीम को थाईलैंड की पुलिस के साथ गश्त करने का मौका दिया जाए।

हालांकि, सरकार का यह कदम थाईलैंड के लोगों को कतई रास नहीं आया। उन्होंने हर प्लेटफॉर्म पर इस फैसले का सख्त विरोध किया। दो दिन में ही थावसिन सरकार ने इस दबाव के आगे घुटने टेक दिए।

अब सफाई दे रही सरकार

प्रधानमंत्री थावसिन ने मीडिया से कहा- इस फैसले को लोगों ने गलत समझा। हम सिर्फ चीन की पुलिस के साथ इन्फॉर्मेशन एक्सचेंज करना चाहते थे। इसकी वजह यह थी कि थाईलैंड में एक्टिव क्रिमिनल नेटवर्क का पता लगाया जा सके और चीनी टूरिस्ट को यह भरोसा दिलाया जा सके कि हमारे देश में सिक्योरिटी से जुड़ा कोई मसला नहीं है, वो बेफिक्र होकर यहां छुट्टियां बिता सकते हैं।

थावसिन ने आगे कहा- मैं साफ कर देना चाहता हूं कि चीन का कोई पुलिस अफसर थाईलैंड नहीं आएगा। जब प्रधानमंत्री से यह पूछा गया कि थाईलैंड की टूरिज्म अथॉरिटी तो संयुक्त गश्त की बात मान रही है। इस पर उन्होंने कहा- मेरा फैसला आखिरी है। चीनी पुलिस थाईलैंड नहीं आएगी।

टूरिज्म मिनिस्टर सुदावन ने कहा- हमारे पास सिक्योरिटी पुख्ता करने के दूसरे तरीके भी हैं। चीन की पुलिस के साथ गश्त नहीं की जाएगी। हमारी पुलिस हर लिहाज से काबिल है।

बैंकॉक के एक मॉल में पिछले महीने फायरिंग हुई थी। इसमें दो लोग मारे गए थे। इनमें एक चीनी नागरिक था। 2019 में करीब 4 करोड़ टूरिस्ट थाईलैंड आए थे। इनमें से करीब एक करोड़ 10 लाख चीन के नागरिक थे। इस साल अब तक 2 करोड़ 32 लाख टूरिस्ट थाईलैंड आए हैं। इनमें से भी ज्यादातर चीन के नागरिक हैं।