सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एक स्टॉक ब्रोकर ने सवाल पूछा- ‘मैं सब कुछ इन्वेस्ट कर रहा हूं, रिस्क ले रहा हूं, और भारत सरकार मेरा पूरा प्रॉफिट ले जा रही है। सरकार मेरी स्लीपिंग पार्टनर बन गई है और मैं अपने फाइनेंस के साथ वर्किंग पार्टनर हूं। इस पर आपका क्या सोचना है।’
वित्त मंत्री ने स्टॉक ब्रोकर के इन सवालों पर पहले तो कहा कि उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है। फिर उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘एक स्लीपिंग पार्टनर यहां बैठकर जवाब नहीं दे सकता है।’ वित्त मंत्री के इस मजाकिया जवाब की अब सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के एक इवेंट में पहुंची थीं जहां उनसे ये सवाल किया गया। ये इवेंट 14 मई 2024 को हुआ था।
स्टॉक ब्रोकर से ज्यादा पैसा कमा रही सरकार
वीडियो में एक स्टॉक ब्रोकर वित्त मंत्री से कहता है, ‘एक ब्रोकर के तौर पर जब हम किसी रिटेल इन्वेस्टर के लिए कोई ट्रेड लेते हैं, तो सरकार उस पर GST, IGST, स्टांप ड्यूटी, STT और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाती है। इस हिसाब से देखा जाए तो सरकार एक स्टॉक ब्रोकर से ज्यादा पैसा कमा रही है।
सरकार मेरी स्लीपिंग पार्टनर और मैं वर्किंग पार्टनर
मैं सब कुछ इन्वेस्ट कर रहा हूं, मैं सारी रिस्क ले रहा हूं, और भारत सरकार मेरा पूरा प्रॉफिट ले जा रही है। सरकार मेरी स्लीपिंग पार्टनर बन गई है और मैं अपने फाइनेंस के साथ वर्किंग पार्टनर हूं। मेरा रिस्क, मेरा स्टाफ और मेरा सबकुछ। तो इस पर आपका क्या सोचना है।’
घर खरीदता हूं, तो फिर स्टांप ड्यूटी और GST देना पड़ता है
इसके अलावा वीडियो में स्टॉक ब्रोकर ने वित्त मंत्री से एक दूसरा सवाल भी पूछा। स्टॉक ब्रोकर ने कहा, ‘सरकार ने अब घर खरीदने के लिए कैश की सुविधा बंद कर दी है।
अब बॉम्बे में अगर कोई भी घर खरीदना चाहता है तो वो उसके लिए एक नाइटमेयर बन गया है। क्योंकि जैसे मैं टैक्स पे कर रहा हूं और मेरे पास व्हाइट मनी है, तो अब हमें हर चीज का पेमेंट चेक से करना पड़ रहा है। क्योंकि मिस्टर लोढ़ा कैश एक्सेप्ट नहीं करते हैं।
एक छोटे आदमी को घर खरीदने के लिए कैसे असिस्ट करेंगी?
मेरा जो बैंक बैलेंस है, वो भारत सरकार को सभी टैक्स देने के बाद का है। फिर मैं जब मुंबई में घर खरीदता हूं, तो मुझे स्टांप ड्यूटी और GST यानी 11% टैक्स फिर देना पड़ता है। तो आप एक छोटे आदमी को जिसके पास लिमिटेड रिसोर्सेज हैं, उसे घर खरीदने के लिए कैसे असिस्ट करेंगी?
एक ब्रोकर इतने सारे टैक्स देने के बाद कैसे फंक्शन करेगा?
वीडियो में स्टॉक ब्रोकर आगे कहता है, ‘इसके अलावा एक ब्रोकर इतने सारे टैक्स देने के बाद कैसे फंक्शन करेगा? जहां भारत सरकार मेरी स्लीपिंग पार्टनर है और मैं बिना इनकम के वर्किंग पार्टनर हूं।’