देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की जयंती पर सुशासन दिवस मनाया गया. इस दौरान औरंगाबाद जिले की भाजपा इकाई ने दिवंगत अटल बिहार वाजपेयी के नाम पर एक स्टार का नाम रखा है. पृथ्वी से तारे की दूरी 392.01 लाइट ईयर है. यह सूर्य के सबसे निकट का तारा है. 14 05 25.3 28 51.9 निर्देशांक वाले तारे को 25 दिसंबर, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष रजिस्ट्री में पंजीकृत किया गया है. तारे का नाम अटल बिहारी वाजपेयी जी है.
बता दें कि अटल बिहार वाजपेयी ने 16 मई,1996 से 1 जून 1996 तक और फिर मार्च 19 मार्च, 1998 से 22 मई 2004 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री मोराजी देसाई के मंत्रिमंडल में भारत के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया. 16 अगस्त, 2018 को दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका निधन हो गया.
25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है
2014 में सत्ता आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी को श्रद्धांजलि के रूप में ऐलान किया कि 25 दिसंबर को हर साल सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 98वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी का हुआ था जन्म
वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था और यह दिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा,‘अटल जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि. भारत के लिए उनका योगदान अमिट है. उनका नेतृत्व और दृष्टिकोण लाखों लोगों को प्रेरित करता है.’ प्रधानमंत्री मोदी ने नयी दिल्ली स्थित वाजपेयी के समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने इस साल अपने हालिया ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री को एक महान राजनेता बताया था, जिन्होंने देश को एक असाधारण नेतृत्व दिया. राष्ट्रपति मुर्मू भी वाजपेयी के समाधि स्थल पर गईं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पर एक फोटो प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। वह यहां डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में भजन संध्या में भी शामिल हुईं. उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दिवंगत नेता को ‘सदैव अटल’ जाकर श्रद्धांजलि दी.