आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्पेन में पुलिस ने पाकिस्तानी मूल के 14 लोगों को गिरफ्तार किया। इसे संदिग्ध जिहादी नेटवर्क बताया जा रहा है। यूरो वीकली न्यूज के मुताबिक, 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के बाद स्पेन में आतंकवाद विरोधी गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसी दौरान ये गिरफ्तारियां हुईं।
ऐसा माना जाता है कि इन लोगों ने एक नेटवर्क बनाया जिसमें ये ऑनलाइन जिहादी मैसेज और कट्टरता फैलाते थे। पिछले महीने 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी TLP से जुड़े
द यूरोपियन कंजर्वेटिव के पत्रकार डेविड एथरटन ने ट्वीट करते हुए कहा कि ये 14 लोग पाकिस्तान के एक इस्लामी चरमपंथी राजनीतिक दल तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से जुड़े हुए हैं।
TLP पाकिस्तान में 2015 में स्थापित एक धार्मिक-राजनीतिक संगठन है, जो अपने आप को पैगंबर मोहम्मद की शान का रखवाला बताता है।
गिरफ्तार पाकिस्तानियों की कोर्ट में पेशी हुई
स्पेन के सबसे बड़े अंग्रेजी समाचार पत्र यूरो वीकली न्यूज के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों को बुधवार (स्थानीय समय) को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट को बताया गया कि इन जिहादियों को आतंकवादी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ये लोग कैटेलोनिया, वालेंसिया, गुइपुजकोआ, विटोरिया, लोग्रोनो और लिलेडा में रहते थे।
पाकिस्तान में 40 आतंकी संगठन सक्रिय रहे हैं
UN ने पाकिस्तान के कुल 146 नागरिकों को बैन किया है
मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बैन कर उसके सरगना मसूद अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट करार दिया था। उस वक्त जानकारी सामने आई थी कि पाकिस्तान पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बैन किए गए लोगों वाला तीसरा देश है।
UN ने पाकिस्तान के कुल 146 नागरिकों को बैन किया है। ये इराक और अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा संख्या है। UN ने बैन किए लोगों की पूरी डिटेल दी थी। इसमें 26/11 के मास्टमाइंड हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा का जकी-उर-रहमान लखवी और हक्कानी के नाम भी शामिल थे। अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद का नाम भी इस लिस्ट में है।
भीख मांगने जा रहे 16 पाकिस्तानी गिरफ्तार
दूसरे देशों में आतंक फैलाने के आरोप के अलावा भी पाकिस्तानियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ महीने पहले पाकिस्तान से सऊदी अरब भीख मांगने जा रहे 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें एक बच्चा और 11 महिलाएं थीं। ये सभी तीर्थयात्रियों को मिलने वाले वीजा (उमरा वीजा) का फायदा उठा रहे थे।
फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने इन लोगों को पंजाब प्रांत के मुल्तान शहर के एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने बताया कि भीख में मिलने वाली रकम का 50% हिस्सा ट्रैवल एजेंट्स ले लेते हैं।