नई दिल्ली । युवा पहलवान सोनम मलिक ने राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के नोटिस का जवाब देते हुए अपनी गलती स्वीकार कर ली है और वायदा किया है कि वह दोबारा ऐसी गलती नहीं दोहराएंगी, जबकि विनेश फोगाट ने महासंघ को एक पत्र लिखकर बताया है कि उस समय वह मानसिक रूप से सदमे में थीं, इसलिए उनसे कुछ असामान्य व्यवहार हो गया। महासंघ ने उनके इस पत्र को अपने नोटिस का जवाब नहीं माना है और कहा है कि वह 16 तक उनके जवाब का इंतजार कर रहा है।
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने विनेश को टोक्यो ओलिम्पिक में अनुशासनहीनता के 3 मामलों के लिए निलंबित किया है जबकि 19 वर्षीय सोनम को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने खेलों के लिए रवाना होने से पहले अपना पासपोर्ट लेने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) स्टाफ की मदद मांगी थी। महासंघ के सूत्र ने बताया कि सोनम ने महासंघ के नोटिस का जवाब दे दिया है और वादा किया है कि वह दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगी। महासंघ जल्द ही उनके मामले में फैसला करेगा।
उधर, विनेश ने डब्ल्यूएफआई से कहा कि वह टोक्यो ओलिम्पिक में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मानसिक रूप से सदमे में हैं लेकिन ऐसा लगता है कि महासंघ इससे संतुष्ट नहीं है। विनेश ने लिखा कि वह शायद मैट पर वापसी ही नहीं करेंगी। सूत्र ने कहा कि महासंघ नोटिस पर जवाब का इंतजार कर रहा है। वह और क्या लिखती हैं, डब्ल्यूएफआई को इससे कोई लेना देना नहीं है। विनेश के पास डब्ल्यूएफआई का जवाब देने के लिए 16 अगस्त तक का समय है।
महासंघ ने कहा था कि विनेश ने हंगरी से टोक्यो पहुंचने के बाद काफी नखरे दिखाए थे। विनेश ने अपने साथी खिलाडिय़ों के साथ ठहरने से ही इनकार नहीं किया था, बल्कि टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ ट्रेनिंग भी नहीं की थी। साथ ही विनेश ने भारतीय दल के आधिकारिक प्रायोजक के बजाय निजी प्रायोजक के नाम का ‘सिंगलेट’ पहना था जिस कारण डब्ल्यूएफआई ने उन्हें निलंबित कर दिया था।