सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जी के फाउंडर और प्रोमोटर सुभाष चंद्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखकर सोनी के साथ मर्जर रोकने करने की कोशिश का SEBI पर आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने यह चिट्ठी मर्जर टूटने के एक हफ्ते पहले 16 जनवरी को लिखी थी।

सुभाष चंद्रा ने SEBI के बारे में चिट्ठी में लिखा कि शेयर मार्केट रेगुलेटर ‘पूर्व निर्धारित मानसिकता’ के साथ काम कर रहा है। उन्होंने वित्त मंत्री से माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों की रक्षा करने के लिए दखल देने की मांग भी की।

नोटिस की टाइमिंग पर सुभाष चंद्रा ने उठाया सवाल

सुभाष चंद्रा ने लिखा, ‘मैं यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि अगर सेबी को किसी भी तरह का संदेह है तो उसे जांच नहीं करनी चाहिए। कंपनी और अन्य सभी लोग जांच में सहयोग कर रहे हैं, यहां तक ​​कि विभाग ने एक पूर्व डॉयरेक्टर को भी तलब किया है, उनसे 4 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई है।

मेरी चिंता इस नए नोटिस के समय और इसकी जरूरत को लेकर है, क्योंकि ये जी और कल्वर मैक्स के विलय की टाइमलाइन से मेल खाता है।’

22 जनवरी को जी के साथ सोनी ने कैंसिल किया था मर्जर

जी के साथ सोनी ने 22 जनवरी को मर्जर कैंसिल कर दिया था। दिसंबर 2021 में इन दोनों कंपनियों ने इसके लिए एग्रीमेंट साइन किया था। अगर ये मर्जर हो जाता तो जी+सोनी 24% से ज्यादा की व्यूअरशिप के साथ देश का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क बनता।

सोनी ने मर्जर खत्म करने के लिए जी को डील कैंसिल करने का लेटर भेजा है। जी पर शर्तों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 90 मिलियन डॉलर यानी करीब 748 करोड़ रुपए की टर्मिनेशन फीस भी मांगी है।

सोनी बिजनेस नहीं बढ़ा पा रही थी और जी पर कर्ज था, इसलिए मर्जर का फैसला लिया था

सोनी भारत में अपने बिजनेस को बहुत ज्यादा बढ़ा नहीं पा रही थी, वहीं जी पर कर्ज का बोझ था। जी पर कर्ज का बोझ इसलिए था क्योंकि, उस पर लंबे समय से एस्सेल ग्रुप का कंट्रोल था और एस्सेल पर 2.4 बिलियन डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपए) का कर्ज था।

इन्हीं कारणों से इन दोनों कंपनियों ने मर्जर का फैसला लिया था। इस मर्जर से दोनों कंपनियों को बड़ा और डायवर्स ऑडियंस बेस मिलता। सोनी ने भारत में 1995 में अपना पहला टीवी चैनल लॉन्च किया था। वहीं जी ने अपना पहला चैनल 1992 में लॉन्च किया था।

2021 में हुई थी मर्जर की घोषणा, करीब 83 हजार करोड़ रुपए की कंपनी बनती

2021 में जी ने जापान के सोनी कॉर्प की सहायक कंपनी सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (अब कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट लिमिटेड) के साथ मर्जर की घोषणा की थी, लेकिन क्रेडिटर्स की आपत्तियों सहित अन्य कारणों से ये विलय पूरा नहीं पाया है। इस मर्जर से 10 बिलियन डॉलर (करीब 83 हजार करोड़ रुपए) की कंपनी बनती।