आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को अपनी संसद में नाजी सैनिक के सम्मान पर ऑफिशियली माफी मांगी है। इस दौरान उन्होंने पूरा मामले का इल्जाम स्पीकर पर डाल दिया। ट्रूडो ने कहा- इस शख्स को संसद में आने का न्योता देने और फिर उसके सम्मान के लिए सिर्फ स्पीकर जिम्मेदार थे और उन्होंने अपनी गलती मानी है। वो अपना पद भी छोड़ चुके हैं।

ट्रूडो ने बताया कि कनाडा ने जेलेंस्की और यूक्रेन से भी माफी मांगने के लिए कॉन्टैक्ट किया है। उन्होंने कहा- मैं इस संसद में मौजूद सभी लोगों की तरफ से माफी मांगता हूं। उस दिन नाजी सैनिक का सम्मान करना एक बड़ी गलती थी, जो हम सबसे अनजाने में हुई। ये कनाडा और संसद के लिए शर्मिंदगी की बात है।

ट्रूडो बोले- नाजियों के जनसंहार में लाखों यहूदियों ने जान गंवाई

ट्रूडो ने कहा- लाखों लोगों ने नाजी शासन की वजह से दर्द झेला है। ये उन सब लोगों की मेमोरी को चोट पहुंचाने जैसा था। कनाडा को इसका खेद है। नाजियों ने जनसंहार में यहूदियों सहित कई दूसरे लोगों को टारगेट किया था। ये बहुत भयानक था।

विपक्ष बोला- ट्रूडो हमेशा दूसरों पर इल्जाम डालते हैं

दूसरी तरफ, कनाडा में विपक्षी पार्टी के नेता पियरे पॉलीवर ट्रूडो की जमकर आलोचना कर रहे हैं। ट्रू़डो के माफी मांगने से पहले पॉलीवर ने कहा था- ये कनाडा के इतिहास में डिप्लोमैटिक लेवल पर सबसे ज्यादा शर्मिंदगी की बात है।

ट्रूडो हमेशा किसी और पर इल्जाम लगाते हैं, लेकिन सच ये है कि ताकत के साथ जिम्मेदारी साथ आती है। अगर ट्रूडो को पावर चाहिए तो उन्हें संसद में आकर मामले की जिम्मेदारी लेते हुए माफी मांगनी पड़ेगी।

रूस ने कहा था- ये बेहद अपमानजनक है

इससे पहले रूस ने नाजी सैनिक के सम्मान होने पर नाराजगी जताई थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था- ये बेहद अपमानजनक था कि जिस यूक्रेनी ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिटलर की सेना के साथ मिलकर काम किया था, उसका सम्मान किया गया। इतनी बड़ी बात भूल जाना अपमान की बात है।

पेस्कोव ने कहा था- कनाडा सहित कई पश्चिमी देशों में एक ऐसी जनरेशन आ रही है, जिसे ये पता ही नहीं है कि दूसरे विश्व युद्ध में कौन किसके खिलाफ लड़ रहा था और उसमें क्या हुआ था। ये पूरा मामला इस बात का सबूत है कि यूक्रेन में रूस का मिलिट्री ऑपरेशन देशों को नाजियों से छुटकारा दिलाने के मकसद से चल रहा है।

दरअसल, यूक्रेन से जंग की शुरुआत से लेकर रूस दावा करता आ रहा है कि वो नाजियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।