सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बेंगलुरु ने लय, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के भव्य समारोह संगमम थाला उत्सव 2026 की मेजबानी की। इस आयोजन में देशभर से जाने-माने तालवादक, संगीतकार, नर्तक और कला प्रेमी जुटे। उत्सव में भारत की विविध ताल परंपराओं की समृद्धि को शास्त्रीय, लोक और समकालीन संगीत शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियों के जरिए सामने रखा गया।
प्रख्यात कलाकारों ने कई पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर प्रस्तुति दी, जिससे दर्शकों को गहरे सांस्कृतिक अनुभव से रूबरू होने का अवसर मिला। कार्यक्रम में लय की शाश्वत अपील और सामूहिक कलात्मकता की ताकत को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
उत्सव में इंटरैक्टिव कार्यशालाएं, लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी हुए। इनके जरिए दर्शकों को भारत की जीवंत संगीत विरासत को अधिक करीब से समझने का अवसर मिला। आयोजकों ने कहा कि उत्सव का उद्देश्य पारंपरिक कला रूपों को संरक्षित करना और युवा पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक धरोहर को समझने तथा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है।
उभरते कलाकारों ने स्थापित उस्तादों के साथ मंच साझा किया। इससे रचनात्मकता, मार्गदर्शन और कलात्मक सहयोग का वातावरण बना। दर्शकों ने ऊर्जावान प्रस्तुतियों, बेहतर आयोजन और संगीत की सार्वभौमिक भाषा के जरिए लोगों को जोड़ने की क्षमता के लिए कार्यक्रम की सराहना की।
संगमम थाला उत्सव 2026 ने बेंगलुरु की उस सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत किया, जिसमें परंपरा के सम्मान के साथ नवाचार को भी जगह मिलती है। कलाकारों, दर्शकों और सांस्कृतिक संस्थानों को एक मंच पर लाकर इस उत्सव ने समुदायों को जोड़ने, कलात्मक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने और भारत की अमूल्य प्रदर्शन कलाओं की परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में लय की स्थायी शक्ति का उत्सव मनाया।
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