सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दावा किया है कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन से जुड़े CJP नेतृत्व के लोग बेहद निराश हो गए थे और विरोध प्रदर्शन खत्म करने का रास्ता तलाश रहे थे।

वांगचुक के मुताबिक, 20 जुलाई की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल का मंच हटा दिया गया था और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां से चले गए थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद CJP के नेताओं ने उनसे प्रदर्शनकारियों को घर लौटने और कुछ समय आराम करने का संदेश तैयार करने में मदद मांगी थी।

वांगचुक ने कहा कि उस समय नेताओं की स्थिति काफी निराशाजनक थी। उनके अनुसार, नेताओं ने उनसे ऐसा संदेश जारी करने को कहा था कि प्रदर्शनकारी थक चुके हैं, इसलिए वे घर जाकर आराम करें और बाद में आगे की रणनीति तय की जाएगी। वांगचुक ने ऐसा संदेश तैयार भी किया था, लेकिन अंततः उसे पोस्ट नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि 20 जुलाई की कार्रवाई के बाद आयोजकों को लगा था कि बड़ी संख्या में जुटे लोग उसी रात वापस चले गए और शायद आंदोलन समाप्त हो गया है। हालांकि, बाद में प्रदर्शन दोबारा जारी रहा। वांगचुक ने कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं।

20 जुलाई की घटना को लेकर विवाद अभी भी जारी है। प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग और पैलेट के इस्तेमाल की शिकायतों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय समिति गठित की है।


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