आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस ने ब्यूरवेस्टनिक मिसाइल की टेस्टिंग की है। ये मिसाइल परमाणु बमों को ले जाने में सक्षम है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा- ये परमाणु मिसाइल हजारों मिल दूर से हमला कर सकती है। हमने सरमत मिसाइल सिस्टम का काम भी पूरा कर लिया है।
पहली बार इस मिसाइल का जिक्र 2018 में हुआ था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्यूरवेस्टनिक मिसाइल के पिछले टेस्ट फेल हुए हैं और इसकी खूबियों के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं है।
वहीं, पिछले महीने सैटेलाइट इमेज वायरल हुई थीं, जिनमें आर्कटिक के नोवाया जेमल्या आईलैंड पर रूस की नई न्यूक्लियर फैसिलिटी दिखाई गई थी। इसी जगह सोवियत यूनियन ने 1955 से 1990 तक परमाणु परीक्षण किए थे। साइंस एंड ग्लोबल सिक्योरिटी जर्नल के मुताबिक, यहां 130 परमाणु परीक्षण हुए थे।
सैटेलाइट इमेज के मुताबिक, 2021 से 2023 के बीच नई न्यूक्लियर फैसिलिटी में काफी कंस्ट्रक्शन हुआ है। यहां जहाजों को आते-जाते देखा गया। आर्कटिक के पहाड़ों को खोद कर कई सुरंग भी बनाई गईं।
बेलारूस पहुंचे रूस के परमाणु हथियार
मई 2023 में रूस के परमाणु हथियारों का जखीरा बेलारूस पहुंचा था। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने इसकी पुष्टि की थी। रूस के टीवी चैनल रोसिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- हमें मिसाइलें और बम मिले हैं। ये बम 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए बमों से 3 गुना ज्यादा खतरनाक हैं। 1991 के बाद पहली बार रूस ने विदेशी धरती पर न्यूक्लियर वेपन तैनात किए हैं।
‘जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल करने से हिचकिचाएंगे नहीं’
लुकाशेंको ने कहा था- अगर जरूरत पड़ी तो हम इन हथियारों का इस्तेमाल करने से हिचकिचाएंगे नहीं। इनके इस्तेमाल की मंजूरी के लिए मुझे सिर्फ पुतिन को फोन करने की जरूरत होगी। हालांकि, रूस ये साफ कर चुका है कि बेशक ये हथियार बेलारूस में हों, लेकिन इन पर कब्जा रूस का ही रहेगा। रूस की एटॉमिक एजेंसी ही इनकी देखरेख करेगी।
लुकाशेंको ये भी कहा कि वो रूस के परमाणु हथियारों को अपने बॉर्डर वाले इलाकों पर तैनात करेंगे। बेलारूस का बॉर्डर 3 नाटो देशों से लगता है। इनमें लिथुआनिया, लातविया और पोलैंड शामिल हैं।
रूस आखिर क्यों बेलारूस में तैनात कर रहा परमाणु हथियार?
25 मार्च को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बेलारूस में रूस के परमाणु हथियार तैनात करने की घोषणा की थी। पुतिन ने कहा था कि बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको काफी समय से परमाणु हथियारों को उनके देश में तैनात करने की मांग कर रहे हैं। बेलारूस के साथ रूस के करीबी सैन्य संबंध हैं।
पुतिन ने कहा था कि रूसी परमाणु हथियारों की बेलारूस में तैनाती का कारण ब्रिटेन का यूक्रेन को आर्मर पियर्सिंग शेल मुहैया कराना है, जिसमें यूरेनियम होता है। पुतिन का कहना था कि परमाणु हथियारों को बेलारूस में रख कर रूस वही कर रहा है जो अमेरिका ने कई दशकों से बेल्जियम, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और तुर्की में परमाणु हथियारों को रख कर किया।
पुतिन ने यह भी कहा था कि रूस का ये कदम परमाणु हथियारों से जुड़ी किसी अंतरराष्ट्रीय संधि की अवहेलना नहीं करता है। जबकि, अमेरिका ने नाटो सहयोगियों के इलाके में हथियार तैनात कर संधि का उल्लंघन किया है। पुतिन ने यह साफ किया था कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की देखरेख रूसी सैनिकों के हाथ में होगी। इससे परमाणु अप्रसार समझौते का कोई उल्लंघन नहीं होता है।