आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रोहतक के सेक्टर 6 स्थित नवीन जयहिंद के घर को प्रशासन ने खाली करवा लिया है। हाईकोर्ट ने HSVP के पक्ष में फैसला दिया था। जिसके बाद प्रशासन शुक्रवार अल सुबह ही पुलिसबल के साथ पहुंचा और चारदीवारी, निर्माण को ढहा दिया। वहीं नवीन जयहिंद और उनके समर्थकों ने इसका विरोध किया।
पुलिस ने जबरन बाग को खाली करवाया और गिराना शुरू कर दिया। नवीन जयहिंद ने पहले कहा था कि वह पेड़ों को किसी भी सूरत में कटने नहीं देंगे।
बता दें कि बाग की जमीन को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा था। उस केस का फैसला प्रशासन के पक्ष में आ गया था। इसके बाद प्रशासन ने दावा किया था कि सेक्टर-6 में करीब 9 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जाएगी। जिसका जयहिंद ने विरोध भी जताया था और कहा था कि सरकार व विभाग द्वारा कोर्ट में गलत तथ्य पेश किए गए है। इसलिए वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
जमीन विवाद में सरकार को घेरा
बाग की जमीन को लेकर नवीन जयहिंद ने सरकार को घेरने का काम किया था। उन्होंने कहा था कि बाग से ही सरकार के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद होती है। इसलिए बाग को खाली करवाने का सरकार प्रयास कर रही है। साथ उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह जमीन एडवोकेट राजबीर राठी की है। एडवोकेट राजबीर राठी ने कहा करीब 1200 किसानों ने सरकार के खिलाफ भूमि अधिग्रहण को लेकर लड़ाई लड़ने का फैसला लिया और इसका जिम्मा सभी ने मिलकर नवीन जयहिंद को सौंपा है।
यह था जमीन का मामला
सेक्टर 6 एरिया की जमीन 2002 में अधिग्रहण हुई थी। जिसमें नवीन जयहिंद का बाग का एरिया भी शामिल था। उसके बाद 2008 में इस जमीन से हुडा विभाग ने 300 एकड़ जमीन रिलीज कर दी। जि लोगों ने एक-एक बार मुआवजा उठा लिया था। जमीन को अधिग्रहण समझकर मुआवजा ले लिया था। उनकी करीब 300 एकड़ जमीन वापस कर ली गई, जो खाली थी। वहीं इस जमीन पर जब कब्जा करने प्रशासन आया तो हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। इसी आधार पर स्टे मिला था कि उन लोगों की जमीन रिलीज कर दी तो इनकी रिलीज करने में क्या दिक्कत है। 2012 में हुडा डिपार्टमेंट ने हाईकोर्ट का स्टे होने के बाद भी प्लाट अलाट कर दिए। प्लाट धारकों के साथ भी विभाग ने धोखा किया। इसके बाद कोर्ट में केस चल रहा था और फैसला हुडा के पक्ष में आ गया।