सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूपी में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में मंगलवार को सपा विधायक दो फाड़ में नजर आए। अयोध्या राम मंदिर को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें सपा के 111 विधायक और रालोद के 8 विधायक सदन में मौजूद थे। धन्यवाद प्रस्ताव पटल पर आने के बाद सपा के 97 विधायकों ने योगी सरकार का समर्थन किया। महज 14 विधायकों ने विरोध करते हुए हाथ ऊपर नहीं किया। रालोद के विधायकों का भी समर्थन योगी सरकार को मिला।

इस मामले पर भाजपा विधायक शलभमणि ने समर्थन न करने वाले 14 विधायकों के नाम पूछे हैं। उन्होंने X पर लिखा- देश और समाज को भी पता चलना ही चाहिए कि आख़िर कौन हैं रामद्रोही? विधानसभा में जिन 14 लोगों ने प्रभु राम के विरोध में आज वोट दिया, उनके नाम सार्वजनिक होने ही चाहिए।

22 मिनट पहले

राम मंदिर को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पटल पर रखा

मंगलवार को बजट सत्र के 5वें दिन, अयोध्या के राम मंदिर को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पटल में रखा गया। जब समर्थन और विरोध में सदन में मौजूद विधायकों को हाथ खड़े करने थे। ये समर्थन या विरोध का सांकेतिक तरीका है। सदन में मौजूद 96 सपा विधायकों ने धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में हाथ खड़ा किया। जबकि सदन में मौजूद 14 विधायकों ने विरोध में हाथ ऊपर नहीं किए।

35 मिनट पहले

शलभ मणि बोले-14 विधायकों के नाम सार्वजनिक करिए

बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सदन में कहा,”देश और समाज को भी पता चलना ही चाहिए कि आख़िर कौन हैं रामद्रोही? विधानसभा में जिन 14 लोगों ने प्रभु राम के विरोध में आज वोट दिया, उनके नाम सार्वजनिक होने ही चाहिए।

12:19 PM

6 फ़रवरी 2024

सपा सचेतक बोले-जिस बजट में देश की बड़ी आबादी का जिक्र ही नहीं, वो किसी मतलब का नहीं

सपा सचेतक मनोज पांडेय ने कहा,”25 करोड़ की आबादी को बजट में कुछ भी नहीं मिला। काश, इस बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोशिश होती। काश सिलिंडर, जोकि 1200 रुपए का हो गया है, उसके दाम कम करने का प्रयास होता। युवाओं के रोजगार की बात होती। जिस बजट में प्रदेश की बड़ी आबादी का जिक्र ही नहीं हो, उसका कोई मतलब नहीं।”