नई दिल्ली । भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा लगातार असफल होने का दबाव झेल रहे हैं। रहाणे और पुजारा दोनों ही बल्लेबाज पिछले कुछ महीनों से बड़ी पारियां खेलने में असफल रहे हैं। उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है और इस वजह से टीम में उनके स्थान को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी के उनके प्रदर्शन ने इस सवालों को और हवा दी है। इससे उन पर जाहिर तौर पर दबाव बढ़ गया होगा। पुजारा ने जहां पहली पारी में 33 गेंद पर नौ रन बनाए वहीं रहाणे दूसरे दिन की पहली ही गेंद पर अपना विकेट दे बैठे। लक्ष्मण ने कहा मैं उम्मीद करता हूं कि बाहर का शोर पुजारा और रहाणे के दिमाग में नहीं आ रहा होगा। लोग सोचते हैं कि अनुभवी खिलाड़ी दबाव का सामना कर सकते हैं। मुझे लगता है कि शायद अनुभवी खिलाड़ियों पर दबाव ज्यादा होता है। हर कम स्कोर और असफलता आप पर दबाव बढ़ा देती है। उनसे जब पूछा गया कि रहाणे के साथ क्या समस्या हो रही है तो लक्ष्मण ने कहा कि यह तकनीकी समस्या और रन बनाने की बेचैनी का मेल था।

लक्ष्मण ने कहा हमने नॉटिंगम की पहली पारी में भी देखा। जब तक वह क्रीज पर थे तब तक काफी बेचैन थे। और आखिर में रन-आउट हो गए। लक्ष्मण ने कहा इससे पहले वह रन-आउट होने से बचे भी थे। आज भी मैंने उनका फुटवर्क देखा जो काफी असहज था। जब भी आप निर्णय लेने की क्षमता में नहीं होते और परिणाम को देखने ने का प्रयास करते हैं तो आप गेंद तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, खास तौर पर तब जब आपका विश्वास भी अधिक नहीं होता। रहाणे के साथ भी यह समस्या है। लक्ष्मण ने कहा मुझे लगता है कि रहाणे और पुजारा दोनों इस बात को लेकर निराश होंगे कि वे लगातार वही गलतियां दोहरा रहे हैं, जिसकी वजह से वे पिछले छह से आठ महीनों में आउट हो रहे हैं।

लक्ष्मण ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में रहाणे की बॉडी लैंग्वेज को लेकर हैरानी जताई। लक्ष्मण के अनुसार, रहाणे को इस सीरीज में फ्रेश माइंडसेट के साथ उतरना चाहिए था और पिछली असफलताओं का भार साथ नहीं रखना था। लक्ष्मण ने कहा कि अगर आप सीरीज में लगातार असफल हो रहे हों तो चौथे और पांचवें टेस्ट में ऐसी असहज बॉडी लैंग्वेज समझ में आती है, लेकिन जब आप सीरीज की शुरुआत कर रहे हों, तो इतनी अनिश्चित बॉडी लैंग्वेज थोड़ी अजीब बात है। यह उनकी प्रतिभा और अनुभव के साथ मेल नहीं खाती।