आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब विधानसभा का 2 दिवसीय सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र की कार्यवाही पंजाब विधानसभा में मृतक सीनियर राजनेताओं को श्रद्धांजलि देकर शुरू हुई। श्रद्धांजलि देने और मौन धारण करने के बाद मुल्तवी सैशन शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सैशन की वैधता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित की तरफ से सत्र को अवैध करार दे दिया गया है। पहले स्पष्ट किया जाए कि ये सत्र वैद है या नहीं। विपक्ष के नेता जब पंजाब के मुद्दे उठाते हैं तो कहा जाता है कि विपक्ष ने सत्र अटैंड नहीं किया। जब सत्र वैध ही नहीं है तो अटैंड क्यों किया जाए। जिस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि स्पीकर होते हुए वे सत्र को वैध कर रहे हैं। उनके पास गवर्नर की तरफ से कोई पत्राचार नहीं पहुंच है।
वहीं, AAP मंत्री हरपाल चीमा और विपक्षीय दलों में तीखी बहस शुरू हो गई है। चीमा ने आरोप लगाया कि एसवाईएल कांग्रेस के समय बना, अकाली दल के समय पंजाब लुटा, इसलिए विपक्षीय दल सदन का माहौल खराब कर रहे हैं। शोर-शराबे के बीच स्पीकर की तरफ से सत्र को शुरू करवा दिया गया है।
इस पहले बीते दिनों भारत की सरहद पर जम्मू-कश्मीर में हादसे में गोली का शिकार हुए अग्निवीर अमृतपाल सिंह को शहीद घोषित कर श्रद्धांजलि दी गई है। वहीं विभिन्न राज्यों में सेवाएं निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी गई है।
आज का सत्र हंगामे वाला रहने का अनुमान है। विपक्षी दल कांग्रेस और अकाली दल पहले ही सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर, नशा और गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित की तरफ से उठा गए ऋण के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुके हैं। वहीं, गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित पहले ही इस सत्र को अवैध करार दे चुके हैं।
विधानसभा का यह 2 दिवसीय सत्र बजट सत्र का ही हिस्सा है। जिसमें 3 संशोधन बिल पास करने की तैयारी चल रही है। जिसमें सबसे पहले पंजाब फिस्कल रिस्पांसेबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट संशोधन बिल, पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स अमेंडमेंट बिल और इंडियन स्टांप पंजाब अमेंडमेंट बिल को पास करने की तैयारी चल रही है। जिस पर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर ऐतराज भी जताया है।
गवर्नर ने सत्र को बताया अवैध
गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित इस सत्र को पहले ही अवैध करार दे चुके हैं। उनका कहना है- मैंने पहले ही 24 जुलाई, 2023 के पत्र और 12 अक्टूबर 2023 के पत्र के माध्यम से संकेत दिया है कि इस तरह के सत्र को बुलाना स्पष्ट रूप से अवैध था, विधानमंडल की स्वीकृत प्रक्रियाओं और अभ्यास और संविधान के प्रावधानों के खिलाफ था। जैसे ही बजट सत्र समाप्त हुआ, ऐसा कोई भी विस्तारित सत्र अवैध होना निश्चित है और ऐसे सत्रों के दौरान आयोजित कोई भी व्यवसाय गैरकानूनी और शुरू से ही शून्य होने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र बुलाने का सुझाव
गवर्नर पुरोहित ने कहा- इन संचारों के बावजूद, सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया। मुझे यह बताना होगा कि इस अनिश्चित पाठ्यक्रम को जारी रखने के बजाय आप नया मानसून/शीतकालीन सत्र बुलाने के कानूनी रूप से सही विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। मैं दृढ़तापूर्वक सुझाव देता हूं कि आप इसका सहारा लें।
यदि सरकार की विधानसभा सत्र आयोजित करने की इच्छा है, तो पारित किए जाने वाले विधेयकों सहित आयोजित किए जाने वाले विशिष्ट व्यवसाय को निर्धारित करने वाला एक एजेंडा या कार्यक्रम तैयार करना और आगे बढ़ाना उचित और उपयुक्त होगा।
राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने की कही बात
गवर्नर ने स्पष्ट कहा कि एक मानसून /उक्त कामकाज निपटाने के लिए शीतकालीन सत्र बुलाया जाए। एक बार यह हो जाने पर इसके लिए अनुमति दे दी जाएगी। यदि सरकार स्पष्ट रूप से अवैध सत्र को जारी रखने पर अड़ी रही, तो वह भारत के राष्ट्रपति को मामले की रिपोर्ट करने सहित उचित कार्रवाई पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
कांग्रेस ने बुलाई बैठक
वहीं, कांग्रेस ने भी बीते दिन सत्र को लेकर बैठक बुलाई है। कांग्रेस मुख्यमंत्री मान को 1 नवंबर को बुलाई ओपन बहस से पहले ही घेरना चाहती है। इसके लिए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बैठक बुला सभी कांग्रेसी विधायकों के साथ रणनीति तैयार की है।
इस दौरान उन मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसे लेकर सरकार को घेरा जाएगा। इनमें पंजाब- हरियाणा पानी का मुद्दा अहम है। इसके अलावा नशा और पंजाब गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित द्वारा उठाया गया तकरीबन 50 हजार करोड़ का कर्जा लेने का मुद्दा अहम है।