सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में नेशनल क्रिएटर्स अवॉर्ड्स कार्यक्रम में मौजूद हैं। क्रिएटर्स की सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि युवाओं को और उनकी क्रिएटिविटी को सम्मान देने के लिए यह अवॉर्ड पहली बार आयोजित हो रहे हैं। यह नए दौर को समय से पहले पहचान देने का आयोजन है।
मोदी ने कहा कि आज महाशिवरात्रि भी है। मेरे काशी में तो शिव जी के बिना कुछ नहीं चलता है। भगवान शिव भाषा, कला और क्रिएटिविटी के रचनाकार माने गए हैं। साथ ही मोदी ने इंटरनेशनल विमेंस डे की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं पहली बार देख रहा हूं कि पुरुष भी ताली बजा रहे हैं। मैं अभी थोड़ी देर पहले ही गैस सिलेंडर के रेट कम करके आया हूं।
मोदी ने कार्यक्रम में 23 लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने कथा वाचक जया किशोरी को बेस्ट क्रिएटर फॉर सोशल चेंज का अवॉर्ड दिया है। साथ ही कल्चरल ऐंबैस्डर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मैथिली ठाकुर को दिया है।
मोदी की स्पीच की 5 मुख्य बातें…
मोदी ने क्रिएटर्स को बधाई देते हुए कहा- किसी सेक्टर की महाशिक्ति ने सरकार को प्रेरित किया हो कि कब तक बैठे रहोगे कुछ तो सोचो। इसलिए भी आप बधाई के पात्र हैं। इसका श्रेय भारत के हर कंटेंट क्रियेटर को जाता है। आपने जो हिम्मत दिखाई उसी के कारण आज आप सब यहां पहुंचे हैं और देश बड़ी आशा के साथ आपको देख रहा है। आपका कंटेंट पूरे भारत में जबरदस्त इंपेक्ट क्रियेट कर रहा है।
मोदी ने कहा- साथियों एक जमाने में हम लिखा देखते थे कि यहां बहुत टेस्टी फूड मिलता है। लेकिन आज दुकान वाले लिखते हैं यहां हेल्दी फूड मिलता है। यह बदलाव समाज में भी आ रहा है। इसलिए कंटेंट ऐसा हो जो लोगों को प्रेरित करे।
मोदी बोले- मैंने लाल किले से बेटियों के अपमान का विषय उठाया था। मैंने पूछा था कि बेटी घर देर से आए तो आप पूछते हैं, बेटे को क्यों नहीं पूछते। मैं कंटेंट क्रिएटर से पूछता हूं कि यह मैसेज हम कैसे कन्वे कर सकते हैं।
मोदी ने कहा कि पश्चिमी देशों में सोच है कि भारत में वर्किंग वूमन नहीं हैं। गांव में आप देखेंगे इतनी इकोनोमिक एक्टिविटी हमारी माताएं-बहने करती हैं। हम ये जो गलत परसेप्शन बने हैं उसे बदल सकते हैं।
मोदी ने मेंटल हेल्थ पर बात करते हुए कहा- मैं देखता हूं कि मेंटल हेल्थ विषय के लिए कई क्रिएटर्स बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन हमें इस पर और काम करने की जरूरत है।