आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 11वीं और मध्यप्रदेश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को आज हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन में सफर कर रहे बच्चों से भी PM ने बात की। 300 से ज्यादा बच्चों का सिलेक्शन निबंध प्रतियोगिता के बाद हुआ है। ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के बीच चलेगी।
PM ने सबसे पहले इंदौर में हुए हादसे में दुख जताया। उन्होंने कहा कि मृतकों को श्रद्धांजलि और परिवारों से संवेदना व्यक्त करता हूं। जो जख्मी हैं, उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये ट्रेन गुलामी की मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए भारत का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा….
पहले रेलवे स्टेशन पर रुकना सजा जैसा लगता था। ट्रेन भी कई घंटे लेट चलाते थे। आज ये शिकायतें कम हो रही हैं। आज भारतीय रेल बहुत अधिक आधुनिक हुई है। सुरक्षा सिर्फ हादसों से ही नहीं, अब सफर के दौरान अगर किसी यात्री को शिकायत होती है, तो त्वरित कार्रवाई की जाती है। इमरजेंसी की स्थिति में भी बहुत कम समय में सहायता दी जाती है।
बच्चों से बात की। उनके अंदर इस ट्रेन को लेकर उमंग देखने योग्य थी। जब यह कार्यक्रम तय हुआ, तो मुझे बताया गया कि 1 तारीख को कार्यक्रम है। मैंने कहा कि 1 अप्रैल को क्यों रखे हो? जब अखबार में खबर आएगी कि मोदी जी 1 अप्रैल को हरी झंडी दिखाने वाले हैं, तो हमारे कांग्रेस के साथी जरूर बयान देंगे कि मोदी अप्रैल फूल बनाएगा।
पहले देश के एक ही परिवार को देश का प्रथम परिवार मानती रही। देश के गरीब, मध्यम वर्गीय परिवार को तो उन्होंने अपने हाल पर ही छोड़ दिया था। इनकी आशाएं, अपेक्षाएं, इन्हें पूछने वाला कोई नहीं था। आजादी के बाद भारत को बहुत बड़ा रेलवे नेटवर्क बना बनाया मिला था। तब की सरकारें चाहती थी, तो बहुत तेजी से रेलवे को आधुनिक बना सकती थीं। लेकिन, राजनीतिक स्वार्थ के लिए रेलवे के विकास को बलि चढ़ा दिया।
आजादी के इतने दशक बाद भी नॉर्थ ईस्ट के राज्य ट्रेन से नहीं जुड़े थे। 2014 में जब आपने मुझे सेवा का अवसर दिया, तो मैंने तय किया कि अब ऐसा नहीं होगा। रेलवे का कायाकल्प होकर रहेगा। 9 साल में हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि भारतीय रेल दुनिया का श्रेष्ठ रेल नेटवर्क कैसे बने। 2014 से पहले भारतीय रेल को लेकर क्या खबरें आती थीं, आप जानते हैं।