नई दिल्ली । कनाडा के फिल्ममेकर द्वारा देवी काली का विवादित पोस्टर जारी करने के बाद बवाल अभी थमा नहीं है। इस बीच असम में भगवान शिव और पार्वती का रूप बनाकर नुक्कड़ नाटक करने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि उसे बाद में नोटिस देकर छोड़ दिया गया। इस मामले में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान की ड्रेस पहनकर नुक्कड़ नाटक करना कोई ईशनिंदा नहीं है। हालांकि इस का ध्यान रखा जाए कि आपत्तिजनक बातें और हरकतें न की जाएं। सरमा ने एक ट्वीट में कहा, ‘मैं नवरूप सिंह से सहमत हूं कि समसामयिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक करना ईशनिंदा नहीं है।
जब तक कि आपराधिक भाषा न बोली जाए भगवान की ड्रेस पहनना भी अपराध नहीं है। नागांव पुलिस को उचित आदेश दे दिए गए हैं।’ बता दें कि घटना शनिवार सुबह की है जब नागांव की सड़क पर मोटरसाइकल पर सवार होकर ‘शिव और पार्वती’ निकले। रास्ते में उन्होंने बाइक रोकी और कहा, इसमें पेट्रोल खत्म हो गया है।
इस बात को लेकर शिव और पार्वती का नाटक करने वाले दोनों में बातचीत होने लगी। लोग इस नाटक को देखने के लिए जमा हो गए। हिंदू संगठनों ने इसकी शिकायत की तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शिव का नाटक करने वाले ऐक्टर का नाम ब्रिनिका बोरा और पार्वती की ऐक्टिंग करने वाली महिला का नाम पारिस्मिता दास बताया गया है। उन्होंने कहा, ‘लोग जागरूकता अभियान की तरफ आसानी से ध्यान नहीं देते हैं। इसके लिए बहुत इंतजाम करने होते हैं। इसीलिए हमने लोगों को समझाने के लिए इस तरह का नाटक करने का विचार बनाया।’ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इस नुक्कड़ नाटक पर आपत्ति जताई थी और केस दर्ज करा दिया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।