आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल-हमास जंग का आज 68वां दिन है। अल जजीरा के मुताबिक इजराइली सेना ने गाजा के लोगों को गोलियां मारी हैं। एक फिलिस्तीनी ने कहा- इजराइली सैनिक तेजी से शादिया अबू गजाला स्कूल में घुसे। यहां फिलिस्तीनियों ने शरण ले रखी थी। सैनिकों ने सभी को पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोलियां मार दीं।

7 अक्टूबर को शुरू हुई जंग में अब तक गाजा के 18 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। वहीं, हमास के हमले में 1200 इजराइली मारे गए थे।

उधर, इजराइल के फाइनेंस मिनिस्टर एली कोहेन का कहना है कि सीजफायर हमास के लिए गिफ्ट की तरह होगा। इससे उसे वापस सिर उठाने का समय मिल जाएगा। 13 दिसंबर को UN में सीजफायर प्रस्ताव पास होने के बाद इजराइली वित्त मंत्री का यह बयान सामने आया है।

सपोर्ट के बिना भी जंग जारी रहेगी

फाइनेंस मिनिस्टर एली केहेन का बाइडेन की चेतावनी पर कहना है कि सपोर्ट के बिना भी जंग जारी रहेगी। उन्होंने कहा- ग्लोबल सपोर्ट मिले या न मिले हमास के खिलाफ जंग जारी रहेगी। उसका खात्मा जरूरी है। दरअसल, 13 दिसंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी थी।

बाइडेन ने कहा था- गाजा में लगातार हमले करने की वजह से इजराइल ग्लोबल सपोर्ट खो रहा है। PM नेतन्याहू को जंग में रुख बदलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया तो इसका असर आने वाले समय में ठीक नहीं होगा।

गाजा में मारे गए लोगों के शव एक साथ रखे गए हैं। परिजन अपनों के शवों को ढूंढ रहे हैं।

राफा में तबाही हुई इमारतें। कई लोग मलबे में दबे हुए हैं।

फिलिस्तीनी लोग राफा में बने कैंप में रहने को मजबूर हैं।

बारिश की वजह से राफा में शरण लेकर रहने वाले फिलिस्तीनियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

अमेरिकी बंधकों के परिवारों से मिले बाइडेन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आज सुबह व्हाइट हाउस में उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके परिजन गाजा में आतंकी संगठन हमास की कैद में हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की बुधवार रात जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि प्रेसिडेंट बाइडेन और गाजा में हमास की कैद में मौजूद बंधकों के परिजनों की मुलाकात जल्दबाजी में तय की गई।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि गाजा पर जबरदस्त बमबारी और ग्राउंड ऑपरेशन को लेकर अब इजराइल और अमेरिका के बीच दूरियां बढ़ने के इशारे मिलने लगे हैं। पहली बार बाइडेन ने इजराइल की खुली आलोचना की और उसे सब्र से काम लेने की सलाह दी। बाइडेन के पहले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी मान चुके हैं कि अमेरिका से मतभेद हैं।