आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल और हमास के बीच जंग का आज 21वां दिन है। नॉर्थ और साउथ गाजा पर इजराइल लगातार बमबारी कर रहा है। इन हमलों में अब तक 7 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जिनमें करीब 2900 बच्चे हैं।
इस जंग पर दैनिक भास्कर ने भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबू अलहैजा से बात की। उनसे गाजा के मौजूदा हालात, जंग के दौरान भारत की भूमिका और हमास के हमले पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि भारत से उम्मीद है कि वो गाजा में सीजफायर कराने की कोशिश करेगा। हमास के हमले को उन्होंने इजराइल के एक्शन का रिएक्शन बताया। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
सवाल: क्या गाजा के हालात को लेकर PM नरेंद्र मोदी या फिर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आपसे कोई बात की है?
अदनान अबू अलहैजा: बात तो हमेशा होती रहती है। इस कॉन्फ्लिक्ट के बाद तीन बार विदेश मंत्री से बात हुई है। एक बार स्टेट मिनिस्टर से बात हुई थी। डिस्कशन पॉजिटिव ही था। मुझे लगता है कि शुरुआत से लेकर अब में भारत के अफसरों और लोगों के एटीट्यूड में बदलाव आया है, खासतौर से अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर हमले के बाद।
इजराइल ने कहा कि हॉस्पिटल पर इस्लामिक जिहाद ने रॉकेट अटैक किया है। उसने पहले कहा था कि रॉकेट हमास का था। यहां बड़ी कैजुअल्टी हुई थी। इसके बाद उन्होंने स्टोरी चेंज कर दी, जैसे पत्रकार शिरीन अबू अकलाह के हत्या के बाद बदली थी। पहले उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने शिरीन की हत्या नहीं की है।
हमारे भारत के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। हमें उम्मीद है कि भारत सीजफायर और गाजा की नाकाबंदी खत्म कराने के लिए ज्यादा कोशिश करेगा।
सवाल: हमास से भारत ने किसी तरह की बातचीत की है?
अदनान अबू अलहैजा: गाजा हमास के कंट्रोल में है, वहां सरकार फिलिस्तीन की है, जिसे भारत समेत दुनिया भर से मान्यता मिली है। गाजा में मिनिस्ट्री, एजुकेशन, कल्चर, एग्रीकल्चर, वाटर, इलेक्ट्रिसिटी सब वही देखती है। ये वेस्ट बैंक के रामल्ला से चलती है। फिलिस्तीन सरकार से बात हो रही है।
सवाल: मिडिल ईस्ट के कई देश इजराइली बंधकों को छुड़ाने के लिए हमास से बात कर रहे हैं, क्या भारत भी ऐसी किसी बातचीत में शामिल हुआ है?
अदनान अबू अलहैजा: मुझे लगता है कुछ देश जैसे कतर और तुर्की हमास से सीधे बात कर रहे हैं। वे बंधकों को छुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं। हमास को सिविलियन होस्टेज को छोड़ने में दिक्कत नहीं है। ये उन्होंने कहा भी है, पर इजराइल लगातार बमबारी करके और लोगों को मारकर इसका मौका नहीं दे रहा है।
सवाल: भारत हमेशा से फिलिस्तीन के सपोर्ट में रहा है, क्या आपको लगता है मोदी सरकार में कुछ बदला है, क्या इजराइल अब भारत के ज्यादा करीब है?
अदनान अबू अलहैजा: मुझे लगता है कि हमारे भारत से अच्छे रिश्ते हैं। उनके इजराइल से भी अच्छे रिश्ते हैं। इस पॉइंट ऑफ व्यू से इंटरनेशनल कम्युनिटी या बाकी देशों के मुकाबले भारत सीजफायर कराने में ज्यादा बेहतर रोल निभा सकता है। नाकेबंदी खत्म करा सकता है।
गाजा में हेल्थ सिस्टम 24 घंटे से कम वक्त में कोलेप्स हो सकता है। हॉस्पिटल्स को सिर्फ दवाएं नहीं चाहिए, क्योंकि बिजली के बिना दवाएं भी किसी काम की नहीं हैं। हॉस्पिटल को बिजली चाहिए, जो गाजा में है ही नहीं। हॉस्पिटल जनरेटर्स के भरोसे हैं, उनके लिए भी फ्यूल चाहिए। हॉस्पिटल काम करते रहें, इसके लिए लोग फ्यूल जुटा रहे हैं।
इंटरनेशनल कम्युनिटी को इजराइल पर प्रेशर बनाना चाहिए, ताकि गाजा के लोगों तक जरूरत की चीजें पहुंच पाएं। गाजा में इजराइल हमास से नहीं लड़ रहा है। वो आम फिलिस्तीनियों को मार रहा है। कत्लेआम कर रहा है। 25 अक्टूबर के बाद ही 43 जगह हमला किया, जिसमें 481 लोग मरे हैं। ये असली नरसंहार है, जो इजराइल की सरकार गाजा में कर रही है।
खुद को डेमोक्रेटिक कहने वाले अमेरिका जैसे पश्चिमी देश इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ खड़े हैं। कत्लेआम को कवर कर रहे हैं। वे भी फिलिस्तीनियों की हत्या में हिस्सेदार हैं।