आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चीन पाकिस्तान की मीडिया पर कंट्रोल करना चाहता है। इसके लिए चीन ने इंटरनेशनल ऑपरेशन्स का जाल बिछाया है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है। चीन दुनियाभर में कई ऑपरेशन्स के जरिए पाकिस्तान समेत चीन के अन्य सहयोगी देशों में मीडिया नरेटिव को अपने पक्ष में करना चाहता है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने रिपोर्ट में बताया कि चीन हर साल कई अरबों डॉलर दुनियाभर में शेयर हो रही जानकारी में हेरफेर करने पर खर्च करता है। चीन देश और कम्युनिस्ट पार्टी को लेकर सकारात्मक छवि बनाने के लिए झूठी और गलत जानकारी फैलाता है। साथ ही वो कई मुद्दों पर ऐसी अहम जानकारियों को दबा देता जो चीन के पक्ष में नहीं होती हैं।

चीन की अपने प्रोपेगैंडा के खिलाफ मौजूद जानकारियों को दबाने की कोशिश

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन उन जानकारियों को भी दबाने की कोशिश करता है, जिसमें ताइवान, ह्यूमन राइट्स, साउथ चाइना सी जैसे मुद्दों पर चीन के नरेटिव के खिलाफ जाकर बात की गई हो। चीन अपने ऑपरेशन्स के जरिए ऐसी जानकारियां फैलाने की कोशिश कर रहा है, जिससे विदेशी सरकारें, पत्रकार और आम लोग भी चीन के रुख का समर्थन करें और उसकी आलोचना करने से बचें।

चीन ने पाकिस्तान के साथ सहयोग और गहरा करने की बात कही है। बीजिंग के मुताबिक, इसके जरिए दोनों देशों को दुष्प्रचार से निपटने में मदद मिलेगी। इसके लिए दोनों देश चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर मीडिया फोरम का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। बीजिंग और इस्लामाबाद मीडिया फोरम का उपयोग उन चीजों को संबोधित करने के लिए करते हैं जिन्हें वे दुष्प्रचार मानते हैं।

नर्व सेंटर से पाकिस्तान में सर्कुलेट हो रही खबरों पर नजर

दोनों देशों ने CPEC रैपिड रिस्पॉन्स इन्फॉर्मेशन नेटवर्क जैसी पहल की है। इसके अलावा उन्होंने चीन-पाकिस्तान मीडिया कॉरिडोर लॉन्च करने की भी घोषणा की थी। 2021 में विदेश विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने मीडिया कॉरिडोर के हिस्से के तौर पर पाकिस्तानी मीडिया पर कंट्रोल के लिए बातचीत करने की मांग की थी।

इसमें पाकिस्तान में सूचना के वातावरण की निगरानी करने के लिए साथ मिलकर एक नर्व सेंटर की स्थापना की भी बात कही गई थी। ये नर्व सेंटर थिंक टैंक्स, मीडिया ऑर्गेनाइजेशन्स, स्टडी सेंटर्स और ओपिनियन लीडर्स के इनपुट्स की मदद लेंगे।

इसके अलावा चीन ने एक न्यूज फीड एप्लिकेशन बनाने का भी प्रस्ताव रखा, जो गलत जानकारी या अफवाहों का खंडन करेगी। साथ ही ये चीन की तरफ से मंजूर की गई खबरों को प्राथमिकता के साथ लोकल मार्केट में प्रमोट करेगी।

न्यूजक्लिक वेबसाइट पर विदेशी फंडिंग के आरोप

दूसरी तरफ, 5 अगस्त को न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया था कि भारत में मीडिया हाउस न्यूजक्लिक को एक अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम ने फाइनेंस किया था। वे चीनी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत दुनियाभर में संस्थाओं को फंडिंग करते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर 17 अगस्त को न्यूजक्लिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर को सुबह न्यूजक्लिक से जुड़ी 30 से ज्यादा लोकेशंस पर छापेमारी की थी। पुलिस ने वेबसाइट के फाउंडर प्रबीर पुरकायस्थ और HR प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था।