आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ 4 साल लंदन में गुजारने के बाद 21 अक्टूबर को मुल्क लौट रहे हैं। इसके पहले वो सऊदी अरब जाएंगे।

उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता ने बताया नवाज कल यानी 11 अक्टूबर को सऊदी के लिए रवाना होंगे। यहां वो उमराह (मक्का की तीर्थयात्रा) करेंगे।

सांसद इरफान सिद्दीकी ने कहा- पाकिस्तान आने से पहले (PML-N) सुप्रीमो उमरा करेंगे और अपने बेटे हुसैन शरीफ के साथ समय बिताएंगे।

चार साल से लंदन में क्यों हैं नवाज

लंदन के बेहद महंगे हायड पार्क इलाके में शरीफ परिवार का आलीशान बंगला है। नवंबर 2019 में नवाज इलाज के बहाने लंदन आए। इसके पहले वो करप्शन के मामले में जेल में बंद थे। उस वक्त इमरान खान प्रधानमंत्री थे। कहा जाता है कि सऊदी अरब के दबाव में इमरान और फौज ने नवाज को इलाज के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी।

नवाज को तीन हफ्ते में पाकिस्तान लौटना था। अब वो करीब चार साल लंदन में गुजार चुके हैं और इस दौरान यूरोप और अरब वर्ल्ड के कई देशों में घूमते रहे। नवाज के सियासी दुश्मन इमरान अब खुद करप्शन के मामले में तीन साल की सजा काट रहे हैं।

इस मौके का फायदा उठाकर नवाज ने मुल्क वापसी का प्लान बनाया। उनके छोटे भाई और पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने पिछले दिनों ऐलान किया कि नवाज 21 अक्टूबर को मुल्क लौटेंगे और इलेक्शन जीतकर चौथी बार प्राइम मिनिस्टर बनेंगे।

भ्रष्टाचार मामले में नवाज को हुई थी 7 साल की सजा

कोर्ट ने 2018 में नवाज को अल-अजीजिया स्टील मिल्स भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी। वहीं एवनफील्ड प्रॉपर्टी मामले में उन्हें 11 साल की सजा सुनाई गई थी और 80 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था।

16 नवंबर 2019 को लाहौर हाईकोर्ट ने नवाज की सजा सस्पेंड करते हुए उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत दी थी। नवाज शरीफ अब तक 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं।

शाहबाज बोले- देश में रुका विकास फिर शुरू होगा

हाल ही में भाई की वापसी को लेकर शाहबाज शरीफ ने कहा था- अगर पाकिस्तान में 2013-18 के बीच हुए विकास की गति 2018 के चुनावों के बाद टूटी नहीं होती तो आज देश कहीं आगे होता। अब नवाज के आने के बाद पाकिस्तान में विकास वहीं से शुरू होगा, जहां 2017 में उन्होंने छोड़ा था।

उस वक्त एक झूठे केस के आधार पर उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। तब सिर्फ नवाज के हाथ से सत्ता नहीं छिनी थी, बल्कि पूरे देश में विकास और तरक्की को भी रोक दिया गया था।

पाकिस्तान में समय ने चुनाव कराने के जुड़े एक सवाल के जवाब में शाहबाज ने कहा- चुनाव कराना देश के इलेक्शन कमीशन की जिम्मेदारी है और मुझे उम्मीद है कि वो इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। इससे पहले पिछले हफ्ते पार्टी मीटिंग के दौरान नवाज शरीफ ने पहली बार खुद पाकिस्तान लौटने की पुष्टि की थी।