आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान के इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने विश्वभर में बसे श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारों- मंदिरों के वर्चुअल टूर की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इसके बाद दुनिया भर से श्रद्धालु अपने घरों में बैठ आराम से ऑनलाइन पाक स्थित धार्मिक स्थलों की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही अल्पसंख्यकों के लिए स्कॉलरशिप में भी बदलाव किया गया है।
ETPB के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया कि बोर्ड ने गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, कटास राज मंदिर चकवाल, गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब और साधु बेला मंदिर सहित पांच मंदिरों और गुरुद्वारों के डिजिटलीकरण का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय ETPB की आयोजित 353वीं बैठक के दौरान लिया गया। जिसमें पूरे पाकिस्तान से सिख और हिंदू अधिकारियों और गैर-आधिकारिक सदस्यों ने भाग लिया।
गर्भगृहों के भी कर सकेंगे दर्शन
प्रवक्ता हाशमी ने कहा कि इंटरनेट कनेक्शन के साथ दुनिया में कहीं से भी श्रद्धालु वर्चुअल टूर का अनुभव प्रदान करेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को गर्भगृहों के भी दर्शन करने के मौका मिलेगा। हिंदू और सिख श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए उन्होंने बताया कि बोर्ड ने दुनिया भर के हिंदू और सिख तीर्थ यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने की मंजूरी दे दी है।
प्रवक्ता ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता ETPB के अध्यक्ष सैयद अताउर रहमान ने की और इसमें सचिव, ETPB सनाउल्लाह कहन भी शामिल हुए।
1000 अल्पसंख्यकों को मिलेगी स्कॉलरशिप
बैठक में अल्पसंख्यकों को दी जाने वाल स्कॉलरशिप में भी बदलाव किए गए हैं। इससे पहले 110 सिखों व हिंदुओं को स्कॉलरशिप दी जाती थी। अब इनकी गिनती बढ़ा कर 1000 कर दी गई है। जिन्हें अब हर महीने 10 हजार रुपए प्रति महीना स्कॉलरशिप दी जाएगी।
ETPB हिंदू-सिख धार्मिक संस्थाओं का रखता है ध्यान
ETPB पाकिस्तान में एक सरकारी निकाय है। इसे 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद भारत चले आए हिंदुओं और सिखों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों और परिसंपत्तियों के प्रबंधन और रखरखाव का काम सौंपा गया। ETPB का उद्देश्य श्रद्धालुओं को गुरुद्वारों और मंदिरों के साथ अपने आध्यात्मिक संबंध को गहरा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।