आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : तारीख- 16 अक्टूबर, साल-2020, फ्रांस का एक टीचर सैमुअल पैटी स्कूल के गेट से बाहर निकलता है। 18 साल का लड़का उनका पीछा करता है। थोड़ी दूर पहुंचते ही लड़का उस टीचर पर हमला करते हुए उनका सिर धड़ से अलग कर देता है।
हत्या की वजह पैगंबर मुहम्मद से जुड़ी बताई गई। हमलावर फ्रांसीसी-मुस्लिम था। इस हत्याकांड की पूरी दुनिया में निंदा हुई। फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुअल मैक्रों ने इसे आतंकी हमला करार दिया। भारत ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। सरकार ने कहा- हम फ्रांस में शिक्षक पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हैं।
अब 3 साल बाद इस मामले में 6 टीनएजर्स को दोषी करार दिया गया है। लेकिन उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।
क्यों नहीं मिली जेल की सजा
सैमुअल पैटी की हत्या के समय सभी आरोपियों की उम्र 14-15 साल थी। फ्रांस की यूथ कोर्ट ने इन्हें 14 महीने से लेकर 2 साल तक का सस्पेंडिड सेंटेंस दिया है। ये कानून की ऐसी व्यवस्था होती है जिसमें किसी अपराध के लिए दोषी पाए गए व्यक्ति को जेल की सजा नहीं दी जाती, लेकिन अगर वह व्यक्ति एक स्पेसिफाइड पीरिड (तय समय सीमा) के दौरान कोई अन्य अपराध करता है तो उसे भविष्य में उस अपराध के लिए सजा दी जा सकती है। यानी सभी दोषियों को तभी सजा मिलेगी जब वो फिर से कोई अपराध करेंगे।
सिलसिलेवार तरीके से पढ़ें पूरा मामला
सैमुअल पैटी बच्चों को हिस्ट्री और सिविक्स पढ़ाते थे। फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) की क्लास में उन्होंने पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ कार्टून दिखाए। ये कार्टून दिखाने से पहले उन्होंने क्लास में मौजूद मुस्लिम छात्रों से बाहर जाने के लिए कहा था। जिससे उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
14 साल की एक टीनएजर ने अपने पिता को इस बारे में बताया। उसने कहा- हिस्ट्री टीचर ने हमें चार्ली हेब्दो न्यूजपेपर में छपे पैगंबर मौहम्मद के कुछ कार्टून दिखाए। इनमें से एक में पैगंबर के शरीर पर कपड़े नहीं थे। हालांकि, BBC की रिपोर्ट के मुताबिक जिस दिन ये कार्टून दिखाए गए उस दिन 14 साल की टीनएजर क्लास में मौजूद ही नहीं थी। अदालत ने अब इस लड़की को झूठे आरोप लगाने का दोषी पाया। इसी तरह अन्य टीनएजर्स को आपराधिक साजिश में शामिल होने का दोषी पाया गया।
टीचर के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू हुआ
क्लासरूम में पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ कार्टून दिखाए जाने की बात तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सैमुअल के खिलाफ कैंपेन शुरू हो गया। 18 साल के आरोपी अब्दुल्लाख अंजोरोव की नजर इस पर पड़ी। उसने सैमुअल को मारने का प्लान बनाया।