आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने अक्टूबर 2023 में 1141 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। ऐसा पहली बार है जब UPI ट्रांजैक्शंस की संख्या 1100 करोड़ के पार निकली है। वहीं इससे पहले सितंबर में 1056 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। यह लगातार तीसरा महीना है जब UPI ट्रांजैक्शन ने हजार करोड़ के आंकड़े को पार किया है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने पेमेंट सिस्टम के ये आंकड़े जारी किए हैं। NPCI के अनुसार अक्टूबर 2023 में ट्रांजैक्शन की ओवरऑल वैल्यू 17.16 लाख करोड़ रुपए रही। सितंबर 2023 में ये 15.80 लाख करोड़ रुपए रही थी। यानी इसमें भी 8% की बढ़ोतरी हुई है।
UPI कैसे काम करता है?
UPI सर्विस के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है। इसके बाद इसे बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा। इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती। पेमेंट करने वाला बस आपके मोबाइल नंबर के हिसाब से पेमेंट रिक्वेस्ट प्रोसेस करता है।
अगर, आपके पास उसका UPI आईडी (ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर या आधार नंबर) है तो आप अपने स्मार्टफोन के जरिए आसानी से पैसा भेज सकते हैं। न सिर्फ पैसा बल्कि यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, खरीदारी आदि के लिए नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड भी जरूरत नहीं होगी। ये सभी काम आप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस सिस्टम से कर सकते हैं।
UPI से जुड़ी खास बातें
UPI सिस्टम रियल टाइम फंड ट्रांसफर करता है। एक ऐप्लीकेशन में कई बैंक अकाउंट लिंक किए जा सकते हैं।
किसी को पैसा भेजने के लिए आपको सिर्फ उसके मोबाइल नंबर, अकाउंट नंबर या UPI आईडी की जरूरत पड़ती है।
UPI को IMPS के मॉडल पर डेवलप किया गया है। इसलिए UPI ऐप के जरिए आप 24×7 बैंकिंग कर सकते हैं।
UPI से ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए ओटीपी, सीवीवी कोड, कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट आदि की जरूरत नहीं होती।