आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नॉर्थ कोरिया ने अपनी परमाणु क्षमता को तेजी से बढ़ाने की नीति को अपने संविधान में शामिल कर लिया है। इसी के साथ ये नॉर्थ कोरिया के कानून का हिस्सा बन गई है। इसी के साथ तानाशाह किम जोंग ने अमेरिका के उकसावे को रोकने के लिए परमाणु हथियार के प्रोडक्शन को बढ़ाने की भी घोषणा की। नॉर्थ कोरिया की संसद और सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिन की मीटिंग में सर्वसम्मति से ये प्रस्ताव पारित किया।

स्टेट मीडिया KCNA के मुताबिक, संविधान में ये संशोधन इसलिए किया गया है, ताकि नॉर्थ कोरिया ज्यादा से ज्यादा परमाणु हथियार बनाकर अपने अस्तित्व को सुरक्षित कर सके और जंग को रोक सके। किम जोंग ने संसद में कहा- देश की परमाणु शक्ति को मजबूत करने की पॉलिसी को कानून बना दिया गया है। किसी को भी इसका उल्लंघन करने की इजाजत नहीं होगी।

तानाशाह बोले- अमेरिका के खिलाफ खड़े देशों के साथ मिलकर काम करें

तानाशाह किम ने परमाणु हथियारों के उत्पादन को तेजी से बढ़ाने और इसे अलग-अलग सर्विजेस में तैनात करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा- अमेरिका सैन्य उकसावे की सारी हदें पार कर चुका है। वो लगातार क्षेत्र में मिलिट्री ड्रिल्स और अपने हथियारों की तैनाती कर रहा है। किम ने अपने अधिकारियों से अमेरिका के खिलाफ खड़े देशों के साथ एकजुटता बढ़ाने को कहा है।

उन्होंने अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया के ट्राइलेटरल को-ऑपरेशन को नाटो का एशियाई वर्जन बताते हुए इसकी निंदा की। किम जोंग ने कहा कि किसी भी धमकी भरी बयानबाजी से इतर ये सही मायने अब तक का सबसे बड़ा खतरा है। इससे पहले मंगलवार को साउथ कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक यिओल ने नॉर्थ कोरिया को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी थी।

साउथ कोरिया में मंगलवार को देश की सबसे बड़ी मिलिट्री परेड में से एक आयोजित की गई थी। इस दौरान उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल से लेकर टैंक तक की प्रदर्शनी लगाई गई थी।

नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया पर परमाणु हमले का अभ्यास किया था

नॉर्थ कोरिया ने करीब एक महीने पहले साउथ कोरिया पर एटमी हमले का अभ्यास किया था। उसने अपने पूर्वी समुद्री इलाके में कम दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। नॉर्थ कोरिया की न्यूज एजेंसी KCNA के हवाले से रॉयटर्स ने बताया था कि युद्धाभ्यास अमेरिका और साउथ कोरिया के युद्धाभ्यास को देखते हुए किया गया था।

नॉर्थ कोरिया ने आरोप लगाया था कि अमेरिका इन एक्सरसाइज के जरिए उन पर परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है। नॉर्थ कोरिया की सेना कोरियन पीपुल्स आर्मी (KPA) ने टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों से हमले का अभ्यास किया था।