मॉस्‍को: 24 फरवरी को जब से रूस और यूक्रेन की जंग शुरू हुई है तब से लेकर अब तक रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के 10 आलोचकों की रहस्‍यमय हालत में मौत हो चुकी है। हाल ही में भारत के ओडिशा राज्‍य में रूसी बिजनेस टायकून पावेल एंतोव की लाश एक होटल में मिलने से सनसनी मच गई। एंतोव सॉसेज टायकून थे और अपने 65वें बर्थडे के मौके पर भारत में मौजूद थे। ओडिशा के रायगढ़ स्थित एक फाइव स्‍टार होटल की खिड़की से गिरकर हुई मौत कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। पूर्वी मॉस्‍को की व्‍लादिमीर सिटी में एंतोव एक जाना-माना नाम थे। उन्‍होंने पुतिन के यूक्रेन हमले का विरोध किया था। उन्‍होंने मीट कंपनी व्‍लादिमीर स्‍टैंडर्ड की शुरुआत की थी। एंतोव की मौत कई तरह के सवाल खड़ी कर रही है। उनसे पहले कई प्रतिष्ठित रूसी नागरिकों की रहस्‍यमय मौत पुतिन को सवालों के घेरे में खड़ा कर रही है।

क्‍या थी एंतोव की गलती
जून में एंतोव ने यूक्रेन पर मिसाइल हमले का विरोध अपनी तरह से किया था। व्‍हाट्सएप पर भेजे गए मैसेज में एंतोव ने विरोध जताया था। यूक्रेन की राजधानी कीव के तहत शेवचेनकिवस्की जिले पर हुए मिसाइल हमले में सात सात की बच्‍ची और उसकी मां घायल हो गए थे। वहीं एक व्‍यक्ति की मौत हो गई थी जिसे उस बच्‍ची का पिता माना गया था। हमले से दुखी एंतोव ने लिखा था, ‘एक बच्‍ची को मलबे से निकाल लिया गया है। ऐसा लगता है कि बच्‍ची के पिता की मौत हो गई है। उसकी मां को क्रेन से निकाला गया था। वह एक पत्‍थर के नीचे दबी थी।’ इसके बाद उन्‍होंने लिखा, ‘सच कहूं तो यह इसे आतंकवाद के अलावा कुछ और कहना बहुत मुश्किल है।’