नई दिल्ली/शिलांग:-कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह की अगुवाई में 4 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल द्वारा अपने भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक से राजभवन शिलांग में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा साथ ही लाखों पैरामिलिट्री परिवारों की ओर से फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। राज्य के हजारों सेवारत सेवानिवृत एवं शहीद परिवारों के कल्याणार्थ हेतु जायज मसलों पर राज्यपाल महोदय का ध्यान दिलाया।
महासचिव रणबीर सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के लाखों जवान देश की अंदरूनी एवं बाहरी बॉडर की सुरक्षा कर रहे हैं। बाढ़ भूकंप जैसी प्राकृतिक विपदाओं, दंगाइयों से निपटने व चुनावों में निभाई गई निष्पक्ष भुमिका का पूरा देश ऋणी है। सुरक्षा बलों के जवान सड़क से संसद से सरहदों तक पुरे देश की चाक-चौबंद चौकीदारी कर रहे हैं। लेकिन जहां तक सुविधाओं का सवाल है लम्बे समय से बहुत कुछ करने की जरूरत जताई।
राज्य के सेवारत, सेवा निवृत्त अर्धसैनिक बलों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक राज्य में अर्ध-सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए, ताकि शहीद परिवारों की विधवाओं, विरांगनाओं एवं रिटायर्ड अर्ध-सैनिकों के पैंशन, पुनर्वास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। सेना की तर्ज पर अर्धसैनिक बलों के चौकीदारों को भी एक्स-मैन का दर्जा दिया जाए ताकि उनको भी राज्य में रोजगार एवं पुनर्वास के अवसर प्राप्त हो सकें।राज्य की ओर से शहीद परिवारों को मिलने वाली सहायता सम्मान राशि को बढ़ा कर कम से कम 50 लाख रुपए तक किया जाए ताकि शहीद जवानों के परिवार को उपरोक्त राशि जीवन यापन करने में मददगार बने। जिला स्तर पर सीजीएचएस डिस्पेंसरियों/वेलनेस सैंटर्स की स्थापना ताकि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले पैरा मिलिट्री परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वास्ते महामहिम राज्यपाल जी से गुहार लगाई।
महामहिम राज्यपाल ने केंद्रीय सरकार द्वारा पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों एवं आफिसर्स की देश के प्रति सर्वोत्तम सेवाओं के बदले 2004 में पैंशन बंद करने व भलाई संबंधित मुद्दों को इग्नोर करने पर आश्चर्य व्यक्त किया। महामहिम द्वारा सुरक्षा बलों की प्रशंसा करते हुए प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि उपरोक्त जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी को निजी तौर पर बातचीत कर पत्र लिखेंगे।