सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों ने दिल्ली की तरफ कूच किया है। संसद का घेराव करके विरोध जताने की तैयारी है। किसानों के मूवमेंट की वजह से यूपी-दिल्ली हाईवे जाम हो गया है। नोएडा एक्सप्रेस-वे बंद किया गया है।

जगह-जगह किसानों को रोका जा रहा है। पुलिस के साथ किसानों की नोकझोंक की सूचना आ रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ रहे 200 किसानों को हिरासत में लिया गया है। चिल्ला बॉर्डर पर पहरा बढ़ा दिया गया है।

महापंचायत के बाद हुआ संसद घेराव का ऐलान

नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, NTPC और अंसल बिल्डर के खिलाफ नोएडा के किसान 60 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके साथ 3 किसान संगठन भी हैं। NTPC में तालाबंदी हो चुकी है। लेकिन, किसानों की मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है। इसलिए बुधवार को हुई महापंचायत में दिल्ली संसद घेराव का ऐलान किया गया। इसको देखते हुए प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी है।

अब पहले धरना-प्रदर्शन की वजह समझते हैं…

मुआवजा पर नहीं बन सकी रजामंदी

किसानों की नाराजगी की वजह यह है कि उन्हें जमीन के बदले या तो मुआवजा नहीं मिला और जिन्हें मिला भी उन्हें उनकी मांग के अनुरुप नहीं मिला। साथ ही कुछ भूमिहीन परिवार भी मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 2019 के बाद से ही नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

पहले हालात को दिखाती 3 तस्वीरें

ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे की लिंक रोड, जोकि नोएडा का दिल्ली से जोड़ती है, वहां गाड़ियां सड़क पर लगाकर किसानों को रोक दिया है।

दिल्ली की तरफ बढ़ते किसानों से पुलिस की नोकझोंक हुई। पुलिस ने किसानों को दिल्ली की तरफ बढ़ने से रोका है।

किसानों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर खुले मैदानों में रखा जा रहा है।

250 किसानों से महामाया फ्लाईओवर के नीचे वार्ता जारी

नोएडा से दिल्ली जाने वाले महामाया फ्लाईओवर के नीचे पुलिस ने किसानों को रोका है। इस सड़क को बंद किया गया है। यहां करीब 250 किसान मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ किसानों की करीब 30 मिनट तक वार्ता चली। लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद किसानों ने दिल्ली की तरफ कूच कर दिया।

नोएडा-दिल्ली चिल्ला बॉर्डर पर भारी पुलिस बल से साथ बैरिकेडिंग गई है। सीमेंट ब्लॉक रखे गए हैं। ताकि किसान दिल्ली कूच करें सीमेंट ब्लॉक लगाकर ने रोका जा सके।