आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: ‘एक पल के लिए आप भारत को भूल भी जाएं, लेकिन कनाडा में जिस तरह से आतंकी ताकतें सिर उठा रही हैं वो सिर्फ हिन्दुस्तान नहीं बल्कि कनाडा के लिए भी खतरे की बात है।’
ये बात G20 खत्म होने के बाद 17 सितंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कही है। मलयालम टीवी चैनल ‘एशियानेट’ के इंटरव्यू में जयशंकर जिस खतरे की बात कर रहे थे, उसे कनाडा 38 साल पहले भुगत चुका है। दरअसल, कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो जिन खालिस्तानियों को बचाने के लिए भारत से टकरा रहे हैं, उन्हीं खालिस्तानी आतंकियों पर 268 कनाडाई नागरिकों की जान लेने का आरोप है।
आज इस स्टोरी में जानेंगे कि कैसे खालिस्तानी आतंकियों ने एयर इंडिया की फ्लाइट-182 में सवार 329 बेगुनाह लोगों की जान ली थी…
तारीख-22 जून, 1985
मंजीत सिंह नाम का एक शख्स दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर कनाडा के वैंकूवर शहर से टोरंटो जाने के लिए एयरपोर्ट पर चेक इन करता है। टिकट कन्फर्म नहीं होने पर वो एयपोर्ट पर मौजूद एजेंट से गुजारिश करने लगता है। वह कहता है कि उसे नहीं तो कम से कम उसके सामान को टोरंटो से भारत जाने वाली फ्लाइट-182 में भिजवा दिया जाए।
विमान की एजेंट शुरू में झिझकती है, लेकिन लोगों की भीड़ होने की वजह से वो मंजीत सिंह का कहा मान लेती है। इसके बाद सिंह उस सूटकेस को पैर से धकेलते हुए चेक इन कराता है। हालांकि, जब वह ऐसा कर रहा होता है तो किसी का ध्यान उसकी तरफ नहीं जाता है और वह आसानी से अपने मकसद में कामयाब हो जाता है। इस तरह उसका सामान वैंकूवर से टोरंटो जाने वाली फ्लाइट में रख दिया जाता है।
लगभग तीन घंटे बाद फ्लाइट टोरंटो के लिए रवाना होती है। सिंह विमान में भले ही नहीं था, लेकिन उसका सूटकेस वहां मौजूद होता है। ये फ्लाइट रात 8 बजकर 22 मिनट पर टोरंटो पहुंचती है। इसके बाद टोरंटो से भारत आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट-182 यानी कनिष्क विमान में यात्रियों और सामान को शिफ्ट किया जाता है। ये विमान टोरंटो से चलकर लंदन से होते हुए भारत के लिए उड़ान भरने वाली थी।
इस विमान में शिफ्ट किए गए सामानों में से एक सूटकेस मंजीत सिंह का भी था। वैंकूवर के बाद टोरंटो एयरपोर्ट पर भी मंजीत के सामान की जांच नहीं की गई। इसे सीधे एक विमान से भारत जाने वाले कनिष्क विमान में रख दिया गया। विमान कर्मियों ने सामान शिफ्ट करते समय इस बात पर भी गौर नहीं किया कि यह सूटकेस किस यात्री का है, वह विमान में है भी या नहीं है।