आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा में कुछ समय पहले मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड से जल्दी पर्दा उठने की जानकारी मिल रही है। कनाडा पुलिस हत्याकांड में कई संदिग्धों पर नजर रखे हुए थी और पुख्ता सबूत भी जुटा लिए हैं। जल्द ही पुलिस इन लोगों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा कर सकती है। निझर की हत्या के बाद से ही भारत और कनाडा के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। कनाडा के PM ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया था।

निज्जर की हत्या के बाद नहीं छोड़ा था कनाडा

जानकारी अनुसार कनाडा के अखबार द ग्लोब एंड मेल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि खालिस्तानी निज्जर की हत्या के बाद उसके कातिलों ने कनाडा को नहीं छोड़ा था। कई महीनों से कनाडा पुलिस उन पर नजर रख रही थी। उनकी प्रत्येक भूमिका पुलिस करीब से देख रही है।

वहीं, इस मामले पर अब पूरी दुनिया की निगाह लगी हुई है। क्योंकि निज्जर की हत्या के बाद कनाडा सरकार ने इसके लिए भारतीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि भारत पहले दिन से इन आरोपों का खंडन करता आया है।

ऐसे हुई थी निज्जर की हत्या

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के मर्डर की प्लानिंग बड़े स्तर पर की गई थी। इसमें कम से कम 6 लोग और 2 कारें शामिल थीं। हत्या के 20 मिनट बाद पहुंची पुलिस टीमों के बीच जांच को लेकर विवाद भी हुआ था। ये दावा द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में किया था। अखबार ने ये बातें सीसीटीवी फुटेज और घटना के वक्त आस-पास मौजूद लोगों के इंटरव्यू के आधार पर लिखी हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या का आरोप भारत के खुफिया एजेंट्स पर लगाया। इसके बाद से दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्ते गर्त में जा चुके हैं। हालांकि निज्जर की हत्या से जुड़े नए खुलासे कनाडा की जांच एजेंसियों पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं।

40 मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में था नाम

निज्जर​​​​​​​ मूलरूप से पंजाब के जालंधर का रहने वाला था। वह 1996 में फर्जी पासपोर्ट बनवा कर कनाडा चला गया था और 2007 को वह कनाडाई नागरिक बन गया था। उसने 2012 में पाकिस्तान से हथियारों व आईडी ब्लास्ट की ट्रेनिंग ली थी। वह खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख था।