आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत ने फिर से कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सर्विस शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 महीने के विराम के बाद ये सर्विस फिर शुरू हो रही है। खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या पर कनाडा के आरोपों से बढ़े तनाव के बाद सरकार ने 21 सितंबर को वीजा सेवा बंद कर दी थी।
इसके बाद 26 अक्टूबर को सरकार से 4 कैटेगरी में वीजा सर्विस शुरू कर दी थी। तब से कनाडाई एंट्री, बिजनेस, मेडिकल और कॉन्फ्रेस में वीजा के लिए अप्लाय कर पा रहे हैं। अब नए अपडेट के साथ कनाडाई नागरिकों के लिए टूरिस्ट समेत सभी कैटेगरी में वीजा सर्विस शुरू कर दी गई है।
21 सितंबर को रोकी गई थी वीजा सर्विस
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने 21 सितंबर को कहा था कि कनाडा में हमारे डिप्लोमैटिक यूनिट को धमकियां मिल रही हैं। वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि वीजा सर्विसेज सस्पेंड की गई हैं। उन्होंने कहा था कि कनाडा आतंकियों को रहने और उनके मंसूबों को अंजाम देने की जगह दे रहा है।
कुछ दिन पहले ही लंदन में पत्रकार लायनेल बार्बर के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था- जब कनाडा में भारत के हाई कमीशन पर हमले हुए और डिप्लोमैट्स को धमकाया गया तब कनाडाई सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जयशंकर ने कहा था- कनाडा से अब तक अपने आरोपों के सबूत नहीं दिए
विदेश मंत्री ने आगे कहा था- हम जांच से इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन कनाडा ने अब तक निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट्स के शामिल होने से जुड़े कोई सबूत नहीं दिए हैं। हमें लगता है कि कनाडा की राजनीति में हिंसा और चरमपंथ को जगह मिल रही है, जिससे भारत में अलगाववाद को बढ़ावा मिल रहा है।
जयशंकर ने कहा- हम एक लोकतांत्रिक देश हैं और कनाडा में भी लोकतंत्र है। ऐसे में अभिव्यक्ति की आजादी के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी आती हैं। इस आजादी का गलत इस्तेमाल करना और ऐसा होने देना सही नहीं है।
दुनिया में भारत के प्रभाव पर विदेश मंत्री ने कहा- सही मायने में भारत की वजह से वैश्विक महंगाई काबू में आ पाई है। हम इसके लिए धन्यवाद का इंतजार कर रहे हैं।
भारत ने निकाले थे 41 कनाडाई डिप्लोमैट्स
भारत ने इसके बाद कनाडा से उनके डिप्लोमैट्स हटाने को भी कहा था। भारत ने करीब 41 डिप्लोमैट्स हटाने के लिए डेडलाइन भी दी थी। इसके बाद 20 अक्टूबर को कनाडा ने इन डिप्लोमैट्स को वापस बुला लिया था।
इस मामले में ट्रूडो ने कहा था- भारत कूटनीति के मूल सिद्धांत का उल्लंघन करके लाखों लोगों का जीवन मुश्किल में डाल रहा है। मैं उन कनाडाई लोगों के लिए सबसे ज्यादा चिंतित हूं, जिनकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़ी हैं। ट्रूडो ने कहा कि भारत से कुछ कनाडाई डिप्लोमैट्स को निकाले जाने से ट्रैवल और ट्रेड जैसे मामलों में दिक्कतें आएंगी।
भारत ने कनाडा से डिप्लोमैट्स कम करने को कहा था
फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत ने कनाडा से उनके 41 डिप्लोमैट्स को वापस बुलाने को कहा है। खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या पर जारी तनाव के बीच ये फैसला लिया गया।
रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि डेडलाइन के बाद इन 41 में से जो डिप्लोमैट भारत में रह जाएंगे, उनको मिलने वाली छूट और दूसरे फायदे (डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी) बंद कर दिए जाएंगे। कनाडा के भारत में करीब 62 डिप्लोमैट्स थे।