आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत-कनाडा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच कनाडाई रक्षा मंत्री का कहना है कि भारत के साथ कनाडा की साझेदारी जरूरी है।
ग्लोबल न्यूज के मुताबिक, डिफेंस मिनिस्टर बिल ब्लेयर ने कहा- हम मानते हैं कि भारत पर आरोप लगाना चुनौतीपूर्ण मुद्दा है पर भारत के साथ रिश्ते अहम हैं, लेकिन मामले की पूरी जांच करके सच सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा- अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कनाडा की संप्रभुता का उल्लंघन होगा। हमारी धरती पर एक कनाडाई नागरिक की इस तरह हत्या होना चिंताजनक है।
18 जून 2023 को निज्जर की हत्या कर दी गई थी। 18 सितंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। वहीं, भारत ने आरोपों को बेतुका बताया है।
अमेरिका ने निज्जर की हत्या पर खुफिया जानकारी दी थी
न्यूयॉर्क टाइम्स ने केस से जुड़े अफसरों के हवाले से जानकारी दी कि निज्जर की हत्या के बाद अमेरिका की स्पाई एजेंसियों ने कनाडा के साथ इस केस से जुड़ी जानकारियां साझा की थीं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत पर आरोप लगाते समय कनाडा ने जिस खुफिया का हवाला दिया था, वह उसने खुद जुटाई थी।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक निज्जर की हत्या के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कनाडा को इंटेलिजेंस इकट्ठा करने में मदद की थी। इसी के आधार पर कनाडा को यह निष्कर्ष निकालने में मदद मिली कि भारत इसमें शामिल था। हालांकि, कनाडा ने खुद भारतीय डिप्लोमैट्स की निगरानी करके उनकी कम्युनिकेशन डिटेल्स का पता लगाया था, जिनके आधार पर निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट्स के शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
अमेरिका और कनाडा के बीच फाइव आइज अलायंस का हिस्सा होने के नाते इंटेलिजेंस शेयरिंग होती है। लेकिन हत्या के बारे में जानकारी खासतौर पर खुफिया एजेंसियों ने अपने पैकेज में शेयर की थीं। इससे पहले शनिवार को कनाडाई मीडिया CTV न्यूज ने बताया था कि कनाडा में अमेरिका के एम्बेसडर डेविड कोहेन ने इस बात की पुष्टि की थी कि फाइव आइज देशों ने मिलकर निज्जर की हत्या पर इंटेलिजेंस जुटाया था।
पेंटागन के पूर्व अफसर बोले- भारत-कनाडा में चुनना पड़ा तो भारत को चुनेंगे
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के पूर्व अफसर का कहना है कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों से भारत के मुकाबले कनाडा को ज्यादा खतरा है। साथ ही अगर अमेरिका को भारत-कनाडा में से किसी एक को चुनना पड़ा तो वो भारत को चुनेगा।
पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रूबिन ने कहा- भारत और अमेरिका के रिश्ते बेहद अहम हैं। कनाडा की भारत से लड़ाई बिल्कुल वैसी है, जैसे किसी हाथी और चींटी की होती है। रूबिन ने ट्रूडो की गिरती पॉपुलैरिटी को देखते हुए कहा- वो लंबे समय तक प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे, इसलिए उनके पद से हटने के बाद अमेरिका दोबारा कनाडा से रिश्ते मजबूत कर लेगा।
हमारी सरकार खालिस्तानियों पर लगाम कसने में नाकाम- कनाडाई सांसद
कनाडा की सत्ताधारी लिबरल पार्टी के भारतवंशी सांसद चंद्र आर्य ने कहा- खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू खुलेआम हिंदू-कनाडाई लोगों को धमकी देता है कि वो भारत लौट जाएं। आर्य ने खालिस्तानी आतंकियों पर लगाम न कसने के लिए अपनी ही सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
CBC न्यूज से बात करते हुए आर्य ने कहा- प्रधानमंत्री ट्रूडो के बयान के बाद जो हुआ उसके परिणाम को लेकर मैं ज्यादा चिंतित हूं। मेरी चिंता हिंदू-कनाडाई लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। ये लोग डर के साए में जी रहे हैं।