आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा के सर्रे में लक्ष्मी नारायण मंदिर के अध्यक्ष सतीश कुमार के बेटे के घर पर हमला हुआ है। हमलावरों ने 27 दिसंबर की सुबह करीब 8:03 बजे 14 राउंड फायरिंग की। कनाडा की पुलिस के मुताबिक, अटैक में कोई घायल नहीं हुआ है। हालांकि, घर में कई जगह गोलियों के निशान बने नजर आ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये हमला खालिस्तान समर्थकों ने किया है। फिलहाल कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस मामले की जांच कर रही है। इलाके में मौजूद CCTV फुटेज को चेक किया जा रहा है और चश्मदीदों के बयान रिकॉर्ड किए गए हैं।
खालिस्तानियों ने नवंबर में दी थी मंदिर पर हमले की धमकी
नवंबर में कनाडा के भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने एक वीडियो शेयर किया था। इसमें खालिस्तानी समर्थक लक्ष्मी नारायण मंदिर को नुकसान पहुंचाने की बात करते नजर आए थे। आर्य ने कहा था- ये सबकुछ कनाडा में बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किया जा रहा है।
सांसद ने कहा था- पिछले कुछ बरसों में हिंदू मंदिरों पर कई बार हमले हुए हैं। हिंदू-कनाडाई लोगों के खिलाफ नफरत की दीवार पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ऐसी चीजों को खुले तौर पर और सार्वजनिक रूप से जारी रखने की अनुमति देना स्वीकार्य नहीं है। दरअसल, कनाडा में मंदिरों को लेकर खालिस्तानी पहले भी कई बार धमकियां दे चुके हैं।
अगस्त में मंदिर में हुई थी तोड़फोड़
इससे पहले अगस्त में भी इसे लक्ष्मी नारायण मंदिर में खालिस्तानियों ने तोड़फोड़ की थी। मंदिर में आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पोस्टर लगाए गए थे, जिसकी हत्या के लिए कनाडा ने भारत पर आरोप लगाया है। बता दें कि इसी मंदिर में अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रार्थना की थी।
इससे पहले 25 नवंबर को भी खालिस्तानी समर्थकों ने हिंदुओं को धमकाने की कोशिश की थी। खालिस्तानी समर्थक ने टोरंटो में मिसिसॉगा स्थित कालीबाड़ी मंदिर में प्रदर्शन किया था। इस दौरान खालिस्तानियों ने तिरंगे का भी अपमान किया था।
निज्जर मामले के बाद भारत-कनाडा में बढ़ा तनाव
खालिस्तानियों के मुद्दे पर कनाडा और भारत में लंबे समय से विवाद है। 18 सितंबर को कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में भारत सरकार पर आतंकी निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया। भारत ने शुरुआत से ही कनाडा के आरोपों को खारिज किया है।
हालांकि, विदेश मंत्रालय ने मामले में कनाडाई सरकार से आरोप और पुख्ता जानकारी देने की मांग की थी। मंत्रालय ने कहा था कि वो जानकारी के आधार पर जांच करने के लिए तैयार है। ट्रूडो अब तक कई मंचों पर अपने आरोपों को दोहरा चुके हैं।