जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों को फंडिंग देने वाले प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी की 100 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी रविवार को स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने सील की। यह कार्रवाई गांदरबल, बांदीपोरा, कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में हुई।

राज्य में आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने के लिए एजेंसी पिछले कुछ समय से कार्रवाई कर रही है। इसके तहत अब तक जमात-ए-इस्लामी की 200 करोड़ रुपए की संपत्ति सील की जा चुकी है। जमात ने बीते 30 साल में घाटी में अपना विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया है। इसमें जमीन, शॉपिंग मॉल और स्कूल समेत बड़ी संख्या में अचल संपत्ति शामिल है।

जमात-ए-इस्लामी की 188 संपत्तियों की पहचान
SIA के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने करीब 188 संपत्तियों की पहचान की है। इनकी कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपए के है। इन सभी संपत्तियों को जल्द ही सील कर दिया जाएगा और बैंक खातों को सत्यापन के बाद फ्रीज किया जाएगा।

घाटी में जमात के 300 स्कूलों पर भी प्रतिबंध
जमात-ए-इस्लामी अकेले कश्मीर में 300 से अधिक स्कूल चलाता था। अब इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा अधिकारियों को आशंका थी कि यहां पढ़ रहे छात्रों को आतंकवाद या अलगाववाद में धकेला जा सकता है।

लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर की संपत्ति भी कुर्क हुई
कश्मीर के डोडा में अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के फरार कमांडर अब्दुल राशिद उर्फ जहांगीर की संपत्ति कुर्क कर ली है। अब्दुल फिलहाल सीमा पार से घाटी में आतंक फैलाने की कोशिशों में लगा है। डोडा जिले के थाथरी के खानपुरा गांव में उसकी चार कनाल से अधिक की भूमि पर मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद कार्रवाई की गई।

पुलिस अधीक्षक अब्दुल कयूम ने कहा कि उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया से युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं।

आतंकी घटनाओं में 168% की कमी: अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया है कि सर्जिकल स्ट्राइक सहित सरकार के उठाए गए अन्य कठोर कदमों की वजह से 2014 के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में 168% की कमी आई है। वहीं, नार्थ ईस्ट में उग्रवादी घटनाओं में 80% की कमी दर्ज की गई है।