सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चेन्नई के इय्यप्पनथंगल के निवासियों ने एक मंदिर तालाब के नवीनीकरण पर आपत्ति जताई है। उनका सवाल है कि जलाशय के आसपास कथित अतिक्रमण हटाए बिना यह काम क्यों कराया जा रहा है।

निवासियों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि तालाब के हिस्से कब्जे में या अवरुद्ध बने रहे, तो केवल नवीनीकरण से जलाशय अपनी मूल स्थिति में नहीं लौट पाएगा। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि बहाली प्रक्रिया में अतिक्रमण के मुद्दे को भी शामिल किया जाए।

यह मामला चेन्नई और उसके आसपास के क्षेत्रों में जलाशयों के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़ी व्यापक चुनौती को सामने लाता है, जहां शहरी विकास और अतिक्रमण के कारण ऐसे प्रयास अक्सर जटिल हो जाते हैं। तालाबों और अन्य जल संसाधनों की सुरक्षा वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और स्थानीय जल निकासी क्षमता बनाए रखने के लिए जरूरी मानी जाती है।

निवासियों का कहना है कि बड़े स्तर के पुनरुद्धार कार्य से पहले अतिक्रमण हटाने से सार्वजनिक धन और प्रशासनिक प्रयासों का स्थायी परिणाम सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने नवीनीकरण के दायरे और भविष्य में तालाब की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित उपायों को लेकर अधिक पारदर्शिता की भी मांग की है।

इय्यप्पनथंगल के निवासियों की चिंताएं जलाशय बहाली के लिए समग्र दृष्टिकोण की जरूरत को रेखांकित करती हैं, जिसमें गाद निकालने और ढांचागत सुधारों के साथ सीमा संरक्षण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शामिल हो।

यह मामला अब अधिकारियों के सामने विकास कार्यों और चेन्नई के पारंपरिक जल संसाधनों के दीर्घकालिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत को लेकर ध्यान खींच रहा है।


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