सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इमरजेंसी के दौरान अपनी गिरफ्तारी को लेकर विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। स्टालिन ने कहा कि जेल में पुलिस की बर्बर पिटाई में उनके जबड़े सचमुच टूटे थे। उन्होंने उस दौर में अपने और अन्य DMK नेताओं के सामने आए कठिन हालात को भी याद किया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में स्टालिन ने बताया कि उन्हें Maintenance of Internal Security Act के तहत गिरफ्तार किया गया था और अन्य बंदियों के साथ बेहद खराब स्थितियों वाले एक छोटे कमरे में रखा गया था। उनका आरोप है कि रात के समय पुलिसकर्मी कैदियों को लाठियों से पीटते थे और लात मारते थे, ताकि वे सो न सकें।
स्टालिन ने DMK सांसद चित्तिबाबू की मौत को भी याद किया। उन्होंने कहा कि चित्तिबाबू की जेल में बर्बर व्यवहार सहने के बाद मौत हुई थी।
स्टालिन ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अपनी पुरानी चोटों का उल्लेख करते हुए विजय द्वारा किए गए एक इशारे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना दर्ज इतिहास का हिस्सा है और विजय को मुख्यमंत्री से अपेक्षित गरिमा बनाए रखनी चाहिए। स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि विजय विधानसभा को राजनीतिक प्रदर्शन और सोशल मीडिया वीडियो के मंच की तरह देख रहे हैं।
इस बयानबाजी ने तमिलनाडु में DMK और विजय के नेतृत्व वाली TVK के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को और तीखा कर दिया है। DMK का इमरजेंसी-कालीन इतिहास फिर से राज्य की राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
Hashtags: #TamilNadu #DMK #Stalin #Vijay #Emergency #TVK #तमलनड #एमकसट #सजसफ #इमरजस