सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  / नई दिल्ली :   अगर आप आयकर रिटर्न फाइल कर रहे हैं और टैक्स में राहत पाने के लिए गलत जानकारी दे रहे हैं, तो यह गलती भारी पड़ सकती है। आयकर रिटर्न  फाइल  2025 की प्रक्रिया जारी है और आयकर विभाग ने इस बार समयसीमा बढ़ाकर करदाताओं को कुछ राहत तो दी है, लेकिन गलत सूचना देने वालों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है।

आईटीआर भरते समय कई लोग अपनी आय या निवेश की गलत जानकारी देकर टैक्स में छूट पाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करना टैक्स चोरी की श्रेणी में आता है और आयकर अधिनियम 1961 के तहत यह दंडनीय अपराध है। यदि आप जानबूझकर झूठे क्लेम करते हैं तो इनकम टैक्स विभाग आपकी रिटर्न की जांच कर सकता है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, झूठ बोलकर टैक्स में छूट लेने पर आयकर अधिनियम की धारा 271(1)(c) के तहत करदाता पर 100% से 300% तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त बकाया टैक्स पर ब्याज भी वसूला जाता है।

इसलिए सभी टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि आयकर रिटर्न  फाइल करते समय केवल सटीक और सही जानकारी ही भरें। कोई भी फर्जीवाड़ा न केवल आर्थिक हानि पहुंचा सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई की चपेट में भी ला सकता है। सावधानी ही सुरक्षा है।

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