आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मेजर एला.. हाइट करीब 6 फीट, सलीके से कटे बाल, कानों में बालियां और कंधे पर बैरे यानी कैप। अंग्रेजी नहीं आती, लेकिन हिब्रू फर्राटेदार बोलती हैं। एला इजराइली नागरिक हैं, इजराइल डिफेंस फोर्स यानी IDF में अफसर हैं और मुस्लिम हैं।
इजराइल की आबादी में करीब 74% यहूदी और 20% मुस्लिम हैं। ज्यादातर मुस्लिम अरब मूल के हैं, जिनमें महिलाओं के लिए हिजाब जरूरी है। इस माहौल में भी एला 10 साल से इजराइली सेना में हैं। इजराइल-हमास जंग की कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर ने उनसे इजराइल पर हमास के अटैक, बॉर्डर पर चल रही एक्टिविटी, गाजा पर एयरस्ट्राइक को लेकर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
सवाल: आप माइनॉरिटी से आती हैं। हमास भी इस्लामिक संगठन है। उसके बारे में क्या सोचती हैं?
जवाब: ये धर्म का मामला नहीं है, ये इंसानियत का मसला है। हमास के आतंकियों ने लोगों को काटा। लोगों के घर में घुसे। पार्टी कर रहे लोगों को जिंदा जलाया। बच्चों के सामने उनके परिवार को मार दिया। धर्म और जंग के बीच कोई रिश्ता नहीं है। वे शैतान हैं। हमास बिल्कुल IS की तरह है। इस्लाम बच्चों और महिलाओं को मारना, उन्हें नुकसान पहुंचाना नहीं सिखाता। उन्होंने लोगों को जानवरों की तरह काटा।
सवाल: इजराइली फोर्स में होने के नाते हमास के खिलाफ लड़ने के लिए आपको क्या प्रेरित कर रहा है?
जवाब: हमास के खिलाफ लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं है। मेरा युद्ध इजराइल के सभी नागरिकों के लिए है। उनके लिए भी है, जो गाजा में रहते हैं और हमास की वजह से परेशान हैं। पूरी दुनिया ने देखा है कि हमास किस तरह से गाजा पट्टी में कत्लेआम करता है।
IDF में मेजर और प्रवक्ता होने के नाते मैं ये युद्ध सोशल मीडिया नेटवर्क और क्लासिकल मीडिया के जरिए लड़ रही हूं। मैं मीडिया से बात करती हूं, तो उनके जरिए IDF का मैसेज लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करती हूं। हम अपने एक्शन के बारे में बताते हैं और हम सच बताते हैं। अब यहां से बतौर पत्रकार आपकी जिम्मेदारी है कि ये सच दुनिया तक पहुंचाएं।
सवाल: हमास के हमले के बाद बीते 20 दिन में आपके लिए सबसे मुश्किल वक्त क्या रहा?
जवाब: 7 अक्टूबर को जो हुआ, वो सदमे की तरह है। उस हादसे के बारे में कोई नहीं सोच सकता था। मैं 13 सितंबर से 6 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क में छुट्टियां मना रही थी। न्यूयॉर्क से मेरी फ्लाइट रात करीब 11:30 बजे की थी। तब इजराइल में सुबह के 6:20 बजे थे। फ्लाइट टेक ऑफ करने के ठीक पहले मुझे एक अलर्ट मिला कि तेल अवीव के पास बड़ा हमला हुआ है।
मुझे समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। तब तक प्लेन टेक ऑफ कर चुका था। प्लेन के टेक ऑफ से लैंडिंग तक इजराइल में सब कुछ बदल चुका था। इजराइल के हिसाब से मैंने शाम 5:30 बजे लैंड किया। मेरे फोन में सैकड़ों कॉल और मैसेज आए हुए थे। मेरा फोन बजना शुरू हो गया, लोग मुझे कॉल करके बता रहे थे- कत्लेआम, मौत, अपहरण, सिर कलम।
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हो गया है। आर्मी के जवान मुझे एयरपोर्ट पर रिसीव करने आए और सीधे आर्मी के बेस कैंप ले गए। तब से अब तक मैं बेस कैंप में ही हूं। ग्राउंड से जो भी फोटो-वीडियो हमारे पास आ रहीं हैं, वो हॉरर मूवी की तरह हैं। मैंने बार-बार बेरहमी से मर्डर के वीडियो देखे, जले बच्चों की फोटो देखीं, कत्लेआम से जुड़ा हर सबूत देखा, क्योंकि ये मेरा काम है।
सवाल: इजराइली फोर्स दो फ्रंट पर जंग लड़ रही है, एक गाजा, दूसरा लेबनान। दोनों वॉर फ्रंट से आप तक क्या खबरें आ रही हैं?
जवाब: गाजा में सेना की स्ट्राइक चल रही हैं। रात में हमास आतंकियों ने हम पर हमला किया। हमने नॉर्थ में पड़ने वाले जेतुन, सजाया, जबालिया और शाति में एयरस्ट्राइक की हैं। ये इलाके हमास के गढ़ हैं।