आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हमास-इजराइल जंग के बीच पाकिस्तानी सांसद अफनान उल्लाह खान ने एक विवादित बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा है कि अब दुनिया जान गई कि हिटलर ने यहूदियों को क्यों मारा था। खान की इस पोस्ट की काफी सोशल मीडिया यूजर्स ने आलोचना की। इनमें से कई फिलिस्तीनी समर्थक भी हैं।
खान ने इजराइल के मुद्दे को लेकर अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की रेस में शामिल विवेक रामास्वामी पर भी कमेंट किए। उन्होंने रामास्वामी के इजराइल पर लिए गए स्टैंड की अलोचना की।
रामास्वामी को चापलूस बताया
उन्होंने इजराइल पर किए रामास्वामी के ट्वीट को रीट्वीट कर लिखा- तुम्हारी जड़ों की वजह से तुम घोर चापलूस हो। तुम कितनी भी चापलूसी कर लो तुम अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बनोगे। इजराइलियों के लिए तुम गैर जरूरी इंसान ही रहोगे। लिंकड इन पर खान ने लिखा है कि पाकिस्तानी संसद के सबसे छोटी उम्र के सांसद हैं। उन्होंने ब्रिटेन से पढ़ाई की है।
रूस में लगे अल्लाह हू अकबर के नारे, यहूदियों पर हमले की कोशिश
इजराइल-हमास जंग का असर दुनिया भर में दिखाई दे रहा है। कई देशों में फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं । रूस में ऐसा ही एक प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारी रूस के दागेस्तान में एयरपोर्ट में घुस गए और इजराइल से आने वाली फ्लाइट में यहूदियों को ढूंढ़ने लगे।
दरअसल दागेस्तान मुस्लिम बहुल इलाका है। एयरपोर्ट में घुसी भीड़ अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगा रही थी। इस हिंसा में 20 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने 60 लोगों हिरासत में लिया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि प्रदर्शनकारी जबरन दरवाजे खोल रहे हैं, एक आदमी अभद्र भाषा में चिल्ला रह है और दरवाजे खोलने के लिए कह रहा है।
सिर्फ एयरपोर्ट नहीं रूस में होटलों में यहूदियों को खोजा जा रहा है। यरुशलम पोस्ट के मुताबिक ऐसा हिंसा करने के मकसद से हो रहा है। पूरे मामले को लेकर इजराइल ने रूस से जवाब मांगा है। साथ ही रूस में रह रहे यहूदियों के लिए सुरक्षा की भी मांग की है।
रूस पहुंची थी हमास डेलीगेशन
इजराइल-हमास की लड़ाई के बीच रूस ने हमास के एक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की थी। इस पर इजराइल ने नाराजगी जाहिर की है। रविवार को इजराइल ने रूसी राजदूत अनातोली विक विक्टोरोव को तलब कर विरोध जताया है। इजराइल का कहना है कि हमास की मेजबानी करना यह संकेत देता है कि रूस इजराइल के खिलाफ आतंकवाद को वैध ठहरा रहा है।