आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हमास से लड़ने के लिए इजराइल ने गाजा बॉर्डर पर एक लाख सैनिक भेजे हैं। वहीं इजराइल की एयरफोर्स ने रात भर हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के 500 वॉर रूम तबाह किए हैं। जंग के तीसरे दिन अब तक 700 इजराइलियों की मौत हुई है। वहीं इजराइल की जवाबी कार्रवाई में 500 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, 2000 से ज्यादा घायल हैं।
दूसरी तरफ, हमास ने दावा किया है कि उसने इजराइल के 130 लोगों को अगवा किया है। इन्हें गाजा पट्टी में सुरंगों में रखा है। वह इन बंधकों का इस्तेमाल मानव ढाल के रूप में करेगा, ताकि इजराइल हमला करे तो उसके ही लोग मारे जाएं। इजराइल की डिफेंस फोर्स ने बताया है कि बंधकों में महिलाएं, बच्चे और परिवार शामिल हैं।
हमास के हमलों में अब तक 24 विदेशी नागरिकों की जान जाने की भी खबर है। इनमें नेपाल के 10, अमेरिका के 4, थाईलैंड के 12 और यूक्रेन के 2 नागरिक भी शामिल हैं। इधर, अमेरिका ने इजराइल को मिलिट्री सपोर्ट देने की बात कही है। US डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन ने कहा- मदद के लिए हमारे जहाज और लड़ाकू विमान इजराइल की तरफ बढ़ रहे हैं। हमने USS जेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर (वॉरशिप) को अलर्ट कर दिया है।
पहले मैप के जरिए देखिए इजराइल और गाजा की लोकेशन…
ट्रैक्टर लेकर इजराइल में घुस रहे हमास के लड़ाके
इजराइल के कर्नल रिचर्ड ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि हमास के लड़ाके अब भी इजराइल में घुस रहे हैं। ट्रैक्टर से घुस रहे एक लड़ाके को इजराइली सैनिकों ने मारा गिराया।
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल में 7 से 8 लोकेशन्स पर लड़ाई जारी है। इसमें उनके 73 सैनिकों की मौत हुई है। जहां-जहां से हमास के लड़ाकों को बाहर निकाला जा रहा है वहां, इजराइलियों के शव मिल रहे हैं।
अहम अपडेट्स…
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक इजराइल में केरल की एक महिला घायल हो गई है।
UN ने कहा- इजराइली हमलों के बाद गाजा में 1 लाख 23 हजार लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। करीब 74 हजार लोग स्कूलों में शेल्टर ले रहे हैं।
7 अक्टूबर को इजराइल में चल रहे एक म्यूजिक फेस्टिवल में हमास के हमले में 260 लोगों की मौत हुई थी।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक इजराइल में नेपाल के 10 छात्रों, चार अमेरिकी और थाइलैंड के 12 नागरिकों की मौत हो गई है।
इजराइल में फंसे मेघालय के 27 ईसाई तीर्थयात्री सुरक्षित मिस्र ले जाए गए हैं।
हमले से पहले मिस्र ने इजराइल को चेताया था
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र का कहना है कि उसने ‘जंग’ के सिलसिले में इजराइल को वॉर्निंग दी थी। मिस्र के इंटेलिजेंस अफसर ने कहा- हमने इजराइल को ‘कुछ बड़ा’ होने की चेतावनी दी थी। लेकिन इजराइल ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मिस्र अक्सर इजराइल और हमास के बीच मध्यस्थता करवाता है।
दरअसल, पहले मिस्र उन अरब देशों में शामिल था, जो इजराइल को अपना दुश्मन मानते थे। मिस्र ने इजराइल के खिलाफ कई जंग भी लड़ी हैं। हालांकि, 1973 की अरब-इजराइली जंग के 7 साल बाद ही मिस्र ने इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दी थी। तब से इसे इजराइल और फिलिस्तीन के बीच मध्यस्थता कराने वाले देश के तौर पर देखा जाता है।