आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल और हमास की जंग को एक महीने से ज्यादा हो चुका है। इस बीच गाजा में एक के बाद एक अस्पताल बंद पड़ते जा रहे हैं, जिससे मरीजों की मौत हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह है फ्यूल की कमी। UN ने रविवार को बताया कि गाजा का सबसे बड़ा अल-शिफा अस्पताल और अल-कुद्स अस्पताल में अब काम नहीं हो पा रहा है।
संसाधनों की कमी की वजह से अस्पताल के तौर पर इसकी फंक्शनिंग बंद पड़ गई है। इसके बाद इजराइली सेना ने अल-शिफा अस्पताल में 300 लीटर फ्यूल पहुंचाया। सेना ने दावा किया कि इस दौरान हमास ने उन्हें रोकने की भी कोशिश की।
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसे हमास के एक लड़ाके के सामान से हिटलर की किताब ‘मीन काम्फ’ मिली है। उन्होंने कहा कि इस किताब में कई नोट्स भी लिखे गए थे। सेना ने बताया कि हिटलर की विचारधारा पर चलकर ही हमास यहूदियों से नफरत और उन पर जुल्म करना सीखता है। वो गाजा में इस मानसिकता को फैलाता है।
इजराइली राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि यह वही किताब है जिसकी वजह से दूसरा विश्व युद्ध और यहूदियों का नरसंहार हुआ था। हमास इजराइल में दोबारा यही करना चाहता है।
नेतन्याहू बोले- बंधकों को छुड़ाने के लिए समझौता कर सकते हैं
दूसरी तरफ इजराइली सेना का हिस्सा शिन बेट ने बताया कि उन्होंने गाजा से 20 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। वहीं इजराइल के PM नेतन्याहू ने रविवार को पहली बार कहा कि वो बंधकों को छुड़ाने के लिए समझौता कर सकते हैं।
NBC के साथ इंटरव्यू में जब उनसे बंधकों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसके लिए समझौता हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
अमेरिका ने सीरिया में एयरस्ट्राइक की
वहीं अमेरिका ने रविवार को सीरिया में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पेंटागन ने बताया कि उन्होंने एयरफोर्स F-15E फाइटर जेट्स से अबु कमल में कई इमारतों पर हमला किया, जिनका इस्तेमाल ट्रेनिंग और हथियार रखने के लिए किया जाता था।
इसके अलावा रविवार को इजराइली एयरफोर्स ने UN के एक कंपाउंड पर हवाई हमला किया। UN ने एक बयान में कहा- गाजा में हमारी फैसेलिटी पर हमला हुआ है। इसमें कई लोग मारे गए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। ये सभी फिलिस्तीनी रिफ्यूजी थे, जिन्होंने यहां पनाह ली थी। इजराइल ने अब तक इस बारे में कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
रविवार को लेबनान से हिजबुल्लाह ने एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल से हमला किया। इसमें 14 नागरिक घायल हो गए। इसके बाद एक और हमले में इजराइल के मेनारा समुदाय के पास तैनात 7 सैनिक भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है। इजराइल की डिफेंस फोर्स ने बताया कि उन्होंने जवाब में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। बंधकों को छुड़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
हमास के कब्जे में 200 से ज्यादा बंधक हैं। इनके परिवारों और हजारों आम लोगों ने तेल अवीव में प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि सरकार सबसे पहले बंधकों को छुड़ाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए।
शनिवार रात हुए प्रदर्शन में लोगों ने बंधकों के पोस्टर हाथ में ले रखे थे। 7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1200 लोग मारे गए थे। इसके अलावा करीब 200 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
UN में भारत ने इजराइल के खिलाफ वोट दिया
इजराइल और हमास जंग के बीच भारत ने फिलिस्तीन में इजराइली कब्जे के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को UN में एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें फिलिस्तीन के ईस्ट यरूशलम, सीरियाई गोलन समेत फिलिस्तीनी इलाकों पर इजराइली कब्जे की निंदा की गई थी।
इस प्रस्ताव के पक्ष में भारत समेत 145 देशों ने वोट किया। 7 देशों ने इसके खिलाफ तो वहीं 18 देश वोटिंग से दूर रहे। शनिवार को इजराइली PM नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी को गाजा नहीं सौंपेंगे। गाजा पर हमारी सेना का ही कंट्रोल होगा। यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर विश्वास नहीं है।